साध्वी – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

आज सब जगह सानिया की ही चर्चा थी। सानिया की पुस्तक साध्वी साहित्य अकादमी पुरुस्कार के लिए चयन की गई थी। आज उसके पाँव ज़मी पर रहे नहीं पड़ रहे थे। बहुत संघर्ष के बाद उसकी ज़िंदगी में ये पल आया था। आज छोटे से कस्बे की लड़की ने साहित्य के क्षेत्र में अपनी एक … Read more

मसालों की खुशबू – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

आज सिया बहुत खुश थी क्योंकि आज उसका कई सालों का सपना पूरा होने जा रहा था। उसने बचपन से अपनी माँ का संघर्ष देखा था। आज उसे अपने बीते कल का एक एक पल याद आ रहा था।असल में जब वो सिर्फ़ सात साल की थी तभी उसके पापा एक दुर्घटना में चल बसे … Read more

दुर्गा का दसवां अवतार – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral stories in hindi

पूरी सोसायटी में उसके गाए हुए भजनों की धूम रहती थी। नवरात्रि हो या गणेश पूजन सबको एकजुट करना और पूरे वातावरण को एक अलग ही सकारात्मक आभा से ओत प्रोत कर देना उसकी खूबी थी। नाम तो उसका अवनि था पर किसी के लिए वो भाभी थी तो किसी के लिए दीदी। बच्चों के … Read more

संस्कारों की लेखनी – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral stories in hindi

आज दुल्हन के लिबास में रिया बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। ऐसा लग रहा था कि मानो जैसे कोई अप्सरा उतर आई हो। दिव्या की तो जैसे जान बसती थी उसमें,उसकी विदाई का सोच सोच कर दिव्या का कलेजा मुंह को आ जाता। अपने अधर पर मुस्कान सजाए वो अंदर ही अंदर टूट रही … Read more

पहली रसोई – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral stories in hindi

निशि बहुत ही प्यारी सी लड़की थी। वो काफ़ी पढ़ी लिखी और शहर के प्रसिद्ध स्कूल में अध्यापिका के पद पर कार्यरत थी । उसका साधारण सा मध्यमवर्गीय परिवार था। बहुत अमीर तो वो नहीं थे पर उसके माता पिता ने अपनी तरफ निशि और उसके भाई बहन को अच्छी परवरिश देने में कोई कसर … Read more

दो हंसों का जोड़ा – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral stories in hindi

वैभव ने यूपीएससी  की परीक्षा उत्तीर्ण करके आई.पी.एस में अच्छी रैंक प्राप्त की थी। आज उसकी ट्रेनिंग समाप्त हो गई थी।उसका सरकारी नौकरी को लेकर जो स्वपन था वो आज पूर्ण हो गया था। इस नौकरी को प्राप्त करने के पीछे उसको अपनी ज़िंदगी से जुड़े बहुत सारे रहस्य जानने थे। जिसका पहला पड़ाव उसने … Read more

कैसे हैं ये बंधन – मुकुन्द लाल   : Moral stories in hindi

   “छोड़ दे बाबूजी!… हे मांँजी छोड़ाओ हमको!… बचाओ दीदी!… अरे कोई तो समझाओ!… मेरा बापू मजबूर है, कहाँ से देगा रुपया!… तरस खाओ भैया जी!…”    नलिनी विलाप कर रही थी। रो-रोकर अपनी जान की भीख मांग रही थी। अपने ही परिवार के अपने सास-ससुर, जेठ-जेठानी और अपने पति को संबोधित  करके गुहार लगाती रही लेकिन … Read more

बहू की समझदारी – अंजना ठाकुर  : Moral stories in hindi

जया सुबह से घर साफ करने मैं लगी थी अब बस खाना बनाना रह गया था ।आज उसकी सास शांति जी आ रही थी । जया के पति विराज ऑफिस से लेने जायेंगे । जया एक एक बात का ध्यान रख रही थी क्योंकि उस की सास की आदत थी हर काम मै कमी निकालना … Read more

तपस्या का फल -पूजा शर्मा   : Moral stories in hindi

तुमने अपने साथ लंदन जाने की बहू की टिकट क्यों बुक नहीं कराई आखिर दिक्कत क्या है तुम्हें उसे अपने साथ ले जाने में ,वह तुम्हारे बिना अकेली हो जाएगी। मनीष के पापा मनोज जी बोले। पापा कल ही कंपनी से मेल आया था मुझे परसों की मीटिंग अटेंड करनी है इसलिए मेरा जाना जरूरी … Read more

पापा गुडबाय मत बोलो ना – सुषमा यादव   : Moral stories in hindi

मैं मेडिकल कॉलेज मैसूर से एम बी बी एस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। कुछ दिनों से मेरी रीढ़ की हड्डी में बहुत दर्द हो रहा था। मैंने अपनी मम्मी को बताया तो मम्मी और दीदी तुरंत ही दिल्ली से फ्लाइट में आ गईं। पापा को अवकाश नहीं मिला था। मम्मी और दीदी … Read more

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