घड़ियाली आंसू बहाना – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

क्या हुआ शिवम् का ,आज आई आई टी का रिजल्ट आया है न अंकिता की जेठानी माधवी का फोन आया ।वो शिवम् का‌ सलेक्शन नहीं हुआ भाभी अंकिता ने बताया । अच्छा तुम परेशान न हों मैं घर आ रही हूं तुम्हारे जेठानी माधवी बोली अंकिता और माधवी देवरानी जेठानी थी । अंकिता के जेठ … Read more

क़ीमत धोखे की – श्रद्धा खरे : Moral Stories in Hindi

मंजरी शहर नामी-गिरामी डॉ वेदप्रकाश शर्मा की बेटी थी डॉक्टर शर्मा से बड़े नाजो से पाला था । जिस चीज पर हाथ रख देती है उसकी हो जाती थी।  उम्र के सोलहवें बरस में कदम रखते ही अपने पापा के साथ काम करने वाले असिस्टेंट डा श्याम से प्यार हो गया। लेकिन मंजरी का यह … Read more

कोई मुझे प्यार नहीं करता – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

मेरी तो किस्मत ही काली स्याही से लिखी गई है..कितना भी कर लूं किसी के लिए कोई मुझे प्यार नहीं करता…नेहा रोते रोते बस अपनी किस्मत को कोसे जा रही थी…सहेली रिया उसे समझाते हुए बोली – “नेहा हो सकता है तेरा सोचने का तरीका गलत हो..तुझे किसी का प्यार दिखाई ही नहीं देता हो।” … Read more

पागल अम्मा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

अरे रे ये क्या कर रही हैं आप…?  पागल हो गई है क्या…? चुपचाप एक जगह पर बैठती क्यों नहीं ….कस के चींटी काटने वाले अंदाज में बाँह पकड़ कर पूजा के कमरे से खींचती हुई बिस्तर पर लाकर पटक दिया बहू हेमा ने…!  अब बिल्कुल यहां से नही हिलेंगी … जब तक मैं ना … Read more

अब नाटक बंद करो – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बंद करो ये घड़ियाली आँसू बहाना … आज ये जो कुछ भी हुआ है उसकी वजह बस तुम हो तुम।” तमतमाते हुए नितिन ने अपनी पत्नी पूर्णिमा को कहा और परे धकेल दिया  सामने ज़मीन पर पिता का निर्जीव शरीर पड़ा हुआ था उसकी माँ छाती पीट पीट कर रो रही थी  अपने ही … Read more

आलू गोभी – अभिलाषा कक्कड़ : Moral Stories in Hindi

दिलचस्प क़िस्से कभी-कभी अपने जीवन में भी ऐसे होते हैं कि स्मृतियों में हमेशा के लिए विराजमान हो जाते हैं । अमेरिका रहते मुझे तक़रीबन तीस साल हो चले हैं । यही आकर घर गृहस्थी सब बसाया तो जीवन यहाँ के हिसाब से ही ढल गया । सभी काम हमें यहाँ ख़ुद ही करने पड़ते … Read more

“कीमत” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

खुशी देहरादून अपनी बचपन की दोस्त शालिनी के बेटे की बर्थडे पार्टी मेंआई हुई थी सारा इंतजाम एक होटल में किया गया था वह, दिन भर की थकान से थोड़ा सा थक गई थी इसीलिए वह थोड़ी देर के लिए अपने कमरे में आराम करने के लिए आ गई उसका सर दर्द से फटा जा … Read more

ममता की कीमत – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 क्या कहा आपने!…मैं अपनी छुटकी को आपकी भाभी की गोद में डाल दूँ।किसी भी कीमत पर नहीं..कैसे भूल जाऊँ कि उन्होंने मेरी बच्चियों को कितना भला-बुरा कहा है।आपकी भाभी को तो मेरी बेटियाँ चुभती थी ना…फिर आज…।आप लोगों के स्वार्थ को मैं खूब समझती हूँ।” अंजू अपने पति अशोक पर लगभग चीखते हुए बोली तो … Read more

करनी का फल – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” हाय…! मेरी बहू….भगवान ने क्यों छीन लिया मेरी फूल -सी बच्ची को..।” बहू की अर्थी को चार लोग कंधा देकर ले जाने लगे तो पचपन वर्षीय सुलोचना छाती पीट-पीटकर रोने लगी और मोहल्ले की महिलाएँ उनको #घड़ियाली आँसू बहाते देख चकित थीं।        सुलोचना के पति गजेन्द्र बाबू की गाँव में एक परचून की दुकान … Read more

मुखाग्नि – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू प्रयागराज : Moral Stories in Hindi

जो स्त्री मंगलसूत्र गिरवी रखकर बचाने का प्रयास कर सकती है। वो सोचने वाली बात है कि कितनी कर्तव्य निष्ठ रही होगी  पर ये कौन देखता है  ।दम तोड़ते वक्त वो नही थी तो लोगों ने बात का बतंगड बना दिया। अरे! क्या जरूरत थी उसे घर जाने कि यह जानते हुए भी कि हालत … Read more

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