चाँदी की पायल
नेहा अपनी बालकनी में सूखते हुए कपड़े उतार रही थी कि तभी उसकी नज़र नीचे वाले घर के अहाते में पड़ी। नीचे के हिस्से में मिस्टर और मिसेज़ शर्मा रहते थे, जिन्हें पूरी कॉलोनी वाले प्यार से ‘रघु अंकल’ और ‘कल्याणी आंटी’ कहते थे। नेहा ने देखा कि कल्याणी आंटी बड़ी बेचैनी से मुख्य द्वार … Read more