विश्वासघात
“यह… यह क्या बकवास है!” विकास अपनी जगह से उछल पड़ा। “आप ऐसा नहीं कर सकते पिताजी! यह हमारा हक है! हम आपके खून हैं!” शिखा भी चीखने लगी, “जरूर इस रमेश मुनीम ने या किसी और ने आपके कान भरे हैं पिताजी! आप बुढ़ापे में अपना दिमागी संतुलन खो बैठे हैं। हम इसे कोर्ट … Read more