चंदा नहीं चाहिए – लतिका श्रीवास्तव
गाँव का वह छोटा-सा शासकीय विद्यालय सुबह होते ही बच्चों की आवाज़ों से भर जाता था। विद्यालय के सामने कच्ची सड़क थी और उसके दोनों ओर दूर तक फैले खेत। खेतों में रोपा लगाते ग्रामीण नई उम्मीदों की फसल बोने की तैयारी में थे। बरामदे के पास खड़ा पुराना नीम का पेड़ गर्मी की दोपहर … Read more