विश्वासघात – सुदर्शन सचदेवा
बारिश उस दिन भी हो रही थी… बिल्कुल वैसी ही, जैसी पाँच साल पहले हुई थी, जब आरती ने पहली बार अपनी सबसे अच्छी सहेली निधि का हाथ पकड़कर कहा था— “दुनिया चाहे कुछ भी कहे निधि, मुझे तुम पर हमेशा भरोसा रहेगा।” निधि मुस्कुरा दी थी। उस मुस्कान में अपनापन था, दोस्ती थी और … Read more