खून से गहरे भावना के रिश्ते
“कल तुम कह रही थी कि तुम अपने मायके जा रही हो, अपने भाई को टीका करने। लेकिन तुमने तो बताया था कि तुम्हारा दुनिया में कोई नहीं है, तुम अनाथालय में बड़ी हुई हो। फिर ये भाई और मायका… मुझे कुछ समझ नहीं आया।” मेरी बात सुनकर काव्या के चेहरे पर एक बहुत ही … Read more