विश्वास की कसौटी

अगले कुछ दिन नेहा के लिए किसी मानसिक यातना से कम नहीं थे। वह हर रात विकास के कपड़ों से किसी अजनबी परफ्यूम की महक सूंघने की कोशिश करती। जब विकास सो जाता, तो वह दबे पाँव उसका फोन चेक करने की कोशिश करती, लेकिन फोन में नया पासवर्ड लगा था जो उसे नहीं पता … Read more

सच्चे रिश्ते की कीमत

 सुशीला ने जब अपने पति को इस कदर उदास देखा, तो वह उनके पास आई और लिफाफे में रखे पैसों को देखकर सब समझ गई। उसने दीनानाथ के कंधे पर हाथ रखते हुए बेहद प्यार से समझाया, “आप क्यों इतना सोच रहे हैं? बड़े लोग हैं, उनका काम करने का तरीका अलग होता है। उन्होंने … Read more

उम्मीद की छाँव

शहर की उस आलीशान सोसायटी के बड़े से लॉन में आज चहल-पहल कुछ ज्यादा ही थी। रंग-बिरंगे फूलों और झिलमिलाती लाइटों से सजे उस मंडप में खुशियों का शोर गूंज रहा था। मौका था स्मृति की देवरानी, नव्या की गोदभराई का। पूरे परिवार में एक अलग ही उल्लास था, आखिर घर में सालों बाद किसी … Read more

अनकहा दर्द और एक अधूरी सौगात

 मैंने जैसे ही उस डिब्बे को खोला, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। उसमें एक बहुत ही खूबसूरत और पुरानी चांदी की पायल रखी थी और साथ में एक मुड़ा हुआ कागज था। मेरे हाथ कांपने लगे। मैंने उस कागज को खोला। वह एक चिट्ठी थी, जिसकी लिखावट कई जगह से आंसुओं की वजह से … Read more

अनकहे शब्दों का सफर

 मैंने थोड़ा सख्त लेकिन प्यार भरे लहज़े में कहा, “सुमित, मेरी बात बहुत ध्यान से सुनना। तुम पैसा कमाते हो, यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन एक रिश्ते को सिर्फ पैसों से नहीं सींचा जा सकता। तुम्हारी पत्नी कोई मशीन नहीं है जो घर का काम करे और तुम्हारे आने पर चुपचाप खड़ी रहे। ज़रा … Read more

स्मृतियों की धुंध

“अरे वाह! मुझे हमेशा से पता था कि तुम एक दिन बहुत बड़े अफसर बनोगे। तुम्हारी मेहनत और लगन ही ऐसी थी,” अवंतिका की आंखों में एक सच्चा गर्व झलक रहा था। “मैं यहां हिमाचल यूनिवर्सिटी में बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) की एक नेशनल कांफ्रेंस में मुख्य वक्ता के तौर पर आई हूं। मैं चंडीगढ़ की … Read more

खोखली सोच और एक पाक रिश्ता

लेकिन, यह पूरा नजारा दूसरी मंजिल की बालकनी में खड़ी मालती जी की गिद्ध जैसी नजरों से नहीं बच पाया। उन्होंने देखा कि एक जवान लड़की एक बूढ़े आदमी को महंगे फूल और तोहफे दे रही है और वह बूढ़ा आदमी उसे देखकर खुशी से फूला नहीं समा रहा है। मालती जी के खुराफाती दिमाग … Read more

कांच के ख्वाब

 एक शाम जब मीरा काम से लौटी, तो उस का चेहरा उतरा हुआ था और आँखें सूजी हुई थीं। शांति से अब और रहा नहीं गया। उन्होंने मशीन बंद की और मीरा के पास जाकर बैठ गईं। “मीरा… बेटी, मुझे बहुत डर लग रहा है। तू पिछले कई दिनों से बहुत परेशान दिख रही है। … Read more

सच्चाई का स्पर्श

मैंने बहुत कम उम्र में ही दुनिया का असली चेहरा देख लिया था। मैंने अपने हक के लिए लड़ना सीखा है। अगर कोई मुझसे तेज आवाज में बात करता है, तो मैं चुप होकर रोने वाली लड़की नहीं हूं, मैं पलटकर जवाब देती हूं। मेरे व्यवहार में एक तरह का कड़कपन है, जो असल में … Read more

ममता की बगावत

“अब यह मेरे साथ रहेगा!” मीरा ने कबीर को गोदी में उठाते हुए एक सख्त आवाज में कहा। “तू इसे कहीं नहीं ले जा सकती! मैं पुलिस बुला लूंगा! तुझे जेल भिजवा दूंगा, चरित्रहीन औरत!” राहुल ने चिल्लाते हुए मीरा का हाथ पकड़ने की कोशिश की। मीरा ने राहुल का हाथ झटक दिया और उसकी … Read more

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