अभिमान के उस पार – सीमा गुप्ता
“ज्ञान का इतना बड़ा भंडार समेटे बैठे हैं आप, पर क्या कभी इस घर की दीवारों में कैद घुटन को भी पढ़ने की कोशिश की है, नीलकंठ?” सुमित्रा जी ने मेज पर कप रखते हुए भारी स्वर में कहा। नीलकंठ जी अखबार के पन्ने पलटते हुए गंभीर आवाज़ में बोले, “सुमित्रा, मैं अखबार की सुर्खियाँ … Read more