** बिरादरी की जूठन ( भाग 2)  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :    दिलीप के माता-पिता उसे कुछ कहना छोड़ दिये थे क्योंकि वह उन्हें भी अपमानित करने से नहीं चूकता। आये दिन घर में अशांति का माहौल बना रहता था। पूनम इस माहौल को स्वीकार नहीं कर पा रही थी। इस घर में कोई उसकी तकलीफ समझने वाला नहीं था। दिलीप … Read more

** बिरादरी की जूठन ( भाग 1)  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : पंच आपस में विचार- विमर्श करने के उपरांत दिलीप को बीच का मार्ग समझा रहे थे। लेकिन दिलीप अपनी जिद पर अड़ा था कि वह अपनी पत्नी पूनम के साथ  किसी प्रकार का सम्बन्ध न रखते हुए उसे अपने घर में नहीं रखेगा।    पूनम पंचों, ग्रामीणों के साथ ही … Read more

रिश्तों के बीच की बार छोटी-छोटी बातें बड़ा रूप ले लेती है। –  मुकुन्द लाल : hindi kahani

hindi short story with moral : साची की हाल ही में शादी हुई थी। प्रारम्भ में अपने पति प्रतीक से अथाह प्यार और दुलार मिला। सास-ससुर उसके रंग-रुप, आचार-विचार और शिष्टता से सराबोर उसके व्यवहार के कायल थे। जेठ उदित और जेठानी श्रावणी भी उसकी खूबसूरती और मिले  दान-दहेज़ की प्रशंसा करते नहीं थकते थे। … Read more

आखिर कब तक – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राधिका जी अपनी तीनो बेटीयों , पति सुमेशजी के साथ हंसी खुशी जीवन बिता रही थी । यूं तो गांव में उनका संयुक्त परिवार था किन्तु यहाँ जयपुर में वे अपने जेठजी के परिवार से अलग रहती थीं ।जब से उनकी बड़ी बेटी थोड़ी समझदार हुई थी तब से वह … Read more

करवाचौथ का व्रत – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शादी के बाद पहला करवाचौथ है आज समीरा का। मैं क्यों रहूंगी  व्रत!रहेंगे तो दोनों रहेंगे नहीं तो कोई नही रहेगा….समीरा एकदम दृढ़ थी अपनी बात पर ।शादी से पहले भी और शादी के बाद भी। मम्मी ये गलत बात है आप भूखी रहती हैं पापा के लिए पापा की … Read more

भरना किसी की चिलम का – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  सेठ जनार्दन बूढ़े हो चले थे।शरीर अब शिथिल रहता पर मन दौड़ लगाता रहता।अच्छा भला कारोबार स्थापित किया था,अपने को पूरी तरह झौका था,अब उस मेहनत के फल रूप को चखने का समय आया तो उम्र धोखा दे रही थी।बस ये ही मलाल रहता। यूँ तो उनके तीन तीन बेटे … Read more

स्नेह के तार – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  मेरी छोटी बहन की शादी की सिल्वर जुबली में मेरा मायके जाना हुआ क्योंकि मेरी छोटी बहन भी उसी शहर में रहती हैं। शाम की पार्टी में जब मैं उसके घर पहुँची तो अजीब सुखद अहसास हुआ मुझे।,मेरी माँ के पास मेरी इकलौती मामी बैठी थी। वह मुझे देख कर … Read more

तिल का ताड़ बना दिया – विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :   ” क्या हुआ सुनील..तुम दोनों आज फिर से…।”   ” तो क्या करुँ आँटी…सुमेधा के रोज के चिकचिक से मैं तंग आ गया हूँ।जी करता है कि अभी तलाक लेकर इससे नारकीय ज़िंदगी से छुटकारा पा लूँ..।” सुनील ने लगभग चीखते हुए कहा।    ” तलाक!…नहीं बेटा, ऐसा नहीं कहते।सुमेधा बेटी…एक-दूसरे … Read more

सुकून भरा सफर – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अरे मम्मी , फ्लाइट में टिकट क्यों नहीं कराया..  ट्रेन में कितना समय लगेगा जानती भी हो..? कंजूस कहीं की..!  ट्रेन का टिकट कंफर्म होते ही सुमेधा ने बेटी स्वर्णा को जानकारी दी थी , बेटी का जवाब सुनते ही सुमेधा बोली …..           अरे हमारे पास तेरे पापा के रिटायरमेंट … Read more

बचपन की कुंठा – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रॉय साहब के घर बहुत सालों बाद बेटी पैदा हुई थी । पिछली चार पुश्तों से उनके घर लड़के ही पैदा हो रहे थे । इसलिए जब उनके घर बेटी हुई तो उसके होने की ख़ुशी पूरे परिवार ने बड़ी धूम धाम से मनाई । जब भी चारुलता अपनी बेटी … Read more

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