बंद करो अपना नाटक – मनीषा सिंह : Moral stories in hindi

“प्रतिज्ञा बेटा स्नान कर ले— कई दिन हो गए तुमने स्नान नहीं किया ठंड भी कम हो गई है जा स्नान कर ले—- ।मैने गीजर  ऑन कर दिया है ! फिर हम इकट्ठे ही नाश्ता करेंगे,! जल्दी जा  अब—–। अंबिका जी नाश्ता की प्लेट लगाते हुए  बोली । प्रतिज्ञा बूझे मन से टॉवल ले स्नान … Read more

बंद करो अपना नाटक – हिमांशु  जैन’मीत’ : Moral stories in hindi

इस प्रमोशन के लिए तुम्हें बहुत बधाई हो रेवती। पूरा हाल तालिया की गड़गड़ाहट से गूंज उठा ।रेवती ने मुस्कुराकर सब की बधाइयों का जवाब दिया। लेकिन आने वाले कार्यभार से की चिंता से अपने आप सराबोर पाया। अपना काम निपटाकर ऑफिस से जब घर पहुंची तो देखा सारा घर ठीक वैसा ही है जैसा … Read more

झूठा प्यार – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

कॉलिज में घुसते ही नीता की नजरों ने सपन को तलाशना शुरू कर दिया,जब कहीं भी नहीं नजर आया तो क्लास रूम में आगई। क्लास रूम में आई,देखा सपन किसी किताब में नजरें गड़ाए बैठा था। ये लो मै पूरा कॉलिज छानआई जनाव की तलाश में और ये जनाव किताब पढ़ने में मश्गूल हैं। अच्छा … Read more

कजली – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

नौंवी में पढ़ती थी कजली।साधारण नैन नक्श वाली कजली घर का सारा काम निपटा कर विद्यालय आती थी।पांचवीं में थी,तब पिता चल बसे थे।मां को घर खर्च चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ती थी।ठेकेदारी में काम पर जाते हुए जवान विधवा औरत का जीना हराम हो गया था।उसी के साथ काम करने वाले एक मजदूर … Read more

बस अब और नहीं – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

सात बजने को आये जूही अभी तक नहीं उठी थी घर में कोहराम सा मचा था। साथ ही पुष्पा जी चिल्ला रहीं थीं  कि महारानी की नींद नहीं हुई अभी तक आराम से सोई पड़ी है कब से चाय के लिए बैठे हैं। बच्चे अलग खुसर फुसर कर रहे थे  कि मम्मी अभी तक नहीं … Read more

बहू का दर्द नाटक ही लगता है – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

“मम्मी जी, आज मेरा जी मिचला रहा है, और ये रोटी की गंध भी मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही है, आप ये रोटियां सेंक दीजिए, मैंने सब्जियां तो बनाकर रख दी है, और सलाद भी तैयार है।” मानसी ने आशा भरी नजरों से अपनी सासू मां को देखकर कहा। “ओहहह!! फिर से बंद करो अपना … Read more

छलका सब्र का प्याला – डॉ संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi

मोहित की लव मैरिज हुई थी प्रिया के साथ,संग ही काम करते थे,फिदा हो गया था मोहित प्रिया की खूबसूरती पर।थोड़ी नखरीली जरूर थी लेकिन मोहित को लगता था कि वो दिल की अच्छी है,जल्दी ही उनके घर में एडजस्ट हो जायेगी। घर में ले दे कर एक मां ही तो थीं मोहित के,और मोहित … Read more

यह नाटक नहीं है – रश्मि झा मिश्रा  : Moral stories in hindi

अभी कुछ ही महीने हुए थे आद्या को ससुराल आए… बढ़िया पढ़ा लिखा परिवार था… आद्या ने भी बढ़िया डिग्री ली हुई थी… सब कुछ में होशियार लड़की… पर पता नहीं क्यों… जब से ससुराल में आई थी… उसे लगता हर वक्त सासू मां उससे चिढ़ी रहती हैं… वह चाहे उन्हें खुश करने के कितने … Read more

ममता में मिलावट नहीं होती – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

      ” बस माँ…अब बंद करो अपना ये नाटक…जब देखो…।” कहते हुए विवेक ने दही की कटोरी नीचे फेंक दी और बेसिन का नल खोलकर अपने हाथ धोने लगा।देविका जी सकपका गई।कुछ गिरने की आवाज़ सुनकर वंदना किचन से बाहर आई…एक तरफ़ खड़ी अपनी सास को उसने देखा…फिर फ़र्श पर गिरी दही की कटोरी देखी तो  … Read more

अपमान – पूजा शर्मा  : Moral stories in hindi

अरे सोनिया। मैं सोच रही हूं अब तो तू भी दो-चार दिन के लिए मायके आई हुई है तेरे भाई शिवम की शादी का भी एक ही महीना बचा है कल चलकर चांदनी चौक से बहू की और शादी में लेने देने की साड़ियां खरीद लेते हैं बहू का जेवर भी उसी की पसंद का … Read more

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