फैसला – पूनम अरोड़ा : Moral stories in hindi

तुषार लखनऊ से दिल्ली पढ़ने आया था । वहीं कालेज के पास रहने वाले शर्मा जी के ऊपरी फ्लोर के एक कमरे में रहने की व्यवस्था भी कर ली। मम्मी साथ आने को कह रही थी लेकिन उसने कहा , “मैं अब बड़ा हो गया हूं,सब हैंडल कर सकता हूं।कुछ दिन बाद वहां मेरे साथ … Read more

पता नहीं किस जमाने में जी रहीं हैं आप – पूनम अरोड़ा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : निमिष ने जब अपने ऑफिस की ही सहकर्मी माहीं से विवाह करने कि निश्चय किया तो माहीं के घरवालों को तो कोई आपत्ति न थी बस निमिष को अपनी माँ की मिन्नतें करनी पड़ी क्योंकि वह नौकरीपेशा बहू के पक्ष में नहीं थीं ।उनका मानना था कि  नौकरीपेशा बहू घर … Read more

अपना घर (भाग 2 )- पूनम अरोड़ा 

वे उन्हें  लेने कभी नहीं आऐ। हाँ  उस दिन की तरह संडे को घुमाने जरूर ले जाते और शाम को छोड़ जाते। उसका “मम्मी  के बगैर पापा के साथ जाने का मन नहीं करता और पापा के बगैर यहाँ रहना अच्छा  नहीं  लगता”। वैसे यहाँ सभी नाना-नानी, मामा-मामी सभी उसका बहुत ध्यान रखते लेकिन “अपने … Read more

अपना घर (भाग 1 )- पूनम अरोड़ा 

स्कूल की घंटी बजते ही जहाँ सब बच्चे घर जाने की जल्दी में एक दूसरे से पहले भागने की दौड़ में धक्का मुक्की कर रहे थे वहीं  शाश्वत धीरे धीरे बिना किसी उत्साह  के स्कूल के मेन गेट की तरफ बढ़ रहा था। ऐसा लग रहा था मानो उसे घर जाने की कोई  जल्दी ही … Read more

कशमकश ( भाग 2)- पूनम अरोड़ा

वह पाँच बजे तक ऑफिस से आ जाता जबकि अनिकेत के आने का तो कोई वक्त  ही नहीं था। उसे रिया के साथ बिताने को काफी समय मिल जाता था । वह उसके साथ उसकी बचपन की बातों , सहेलियों ,काॅलेज के जीवन की , उसकी रूचियों की बातें  कुरेद कुरेद कर पूछता। उसे पेंटिग्स … Read more

कशमकश ( भाग 1)- पूनम अरोड़ा

रिया और अनिकेत के विवाह को आज एक वर्ष पूर्ण हो गया था। खुश होने की बजाय रिया आज अधिक उदास थी । उसे आशा थी कि आज के खास दिन तोनिकेत उसकी भावनाओं को समझेगा व  सानिध्य  और आत्मीयता के कुछ पल उसे उपहार स्वरुप जिसके लिए उसका मन वर्ष भर तृषित रहा । … Read more

आशीर्वाद – पूनम अरोड़ा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सौजन्य के माता पिता के अलावा घर में  उसकी दादी भी थी  जो अब कुछ अस्वस्थ  रहतीं  थी। उन्हें घर में  किनारे के एक छोटे सा कमरा दिया गया था ।वो ज्यादातर कमरे के अंदर ही रहतीं ।यदि कभी बाहर आना चाहतीं  तो भी उनकी मम्मी  पसंद नहीं  करतीं  कहतीं … Read more

जाने कब ज़िन्दगी में कौन सा मोड़ आ जाएं , कोई नहीं जानता – पूनम अरोड़ा  : Moral Stories in Hindi

सुमि की शादी को  सात माह हो गए थे ।सब कुछ था उसके जीवन में   जिसकी कोई भी लड़की कल्पना करती है-सुदर्शन, सम्पन्न, सुशिक्षित  प्रतिष्ठित पति, बंगला, गाड़ी,नौकर-चाकर,ऐशो आराम के सब साधन लेकिन फिर भी उसे अपने वैवाहिक जीवन से असंतोष था कारण था –पति मनन  का बिजनेस  की व्यस्तता के कारण उसे समय … Read more

पर-कटे अरमान – पूनम अरोड़ा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : खूबसूरत तो जिया बचपन से थी ही, लेकिन सबके बार यह कहने कि “यह तो किसी माॅडल- हीरोइन से कम नहीं ,भगवान ने फुर्सत में  बनाया है इसे ,वाह !!क्या अप्सरा सा सौन्दर्य है !!”ये सब सुनसुन कर उसे भी अपनी  खूबसूरती पर गुरूर होने लगा था । कुछ बालिवुड … Read more

औरत ही क्यों ?- पूनम अरोड़ा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: निमिष  को अपने ऑफिस की ही सहकर्मी माहीं से जब विशेष निकटता का आभास हुआ तो उसने उसके समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा ।माहीं भी उसके प्रति अनुरक्त थी इसलिए सहर्ष स्वीकार कर लिया ।माहीं के घरवालों को तो कोई आपत्ति न थी बस निमिष को अपनी माँ की मिन्नतें करनी … Read more

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