जिंदगी हसीन है – कविता भड़ाना : Moral stories in hindi

“जिंदगी की यही रीत है हार के बाद ही जीत है” दूर कहीं बज रहे इस गाने के बोल मानो राजीव की ही दास्तां बयां कर रहे थे।…आज एक अरसे बाद सुबह की लालिमा, नीला आसमां और पक्षियों की कूक से राजीव के दिल में एक हूक सी उठी और उसने अपना चेहरा सामने लगे … Read more

“सुपर मॉम ” – कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुप्रिया ने बड़े सुंदर तरीके से आसमानी नीले रंग की साड़ी पहनी, हल्का सा मैकअप कर अपनी बेटी सिया का इंतजार करने लगी। नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली सिया के स्कूल में आज पेरेंट्स टीचर मीटिंग है। शहर के जानें माने इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ने वाली सिया के पापा … Read more

मां तुझे सलाम – कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

Moral stories in hindi

Moral Stories in Hindi : एक पार्टी के बाद नशे में धुत अभय को घर छोड़ने आया उसका दोस्त सुमेश, अभय की बेहद खूबसूरत बीवी को देखकर, मौके का फायदा उठाने के उद्देश्य से स्वाति का हाथ पकड़कर बोला…”स्वाति तुम इतनी सुंदर हो और ये तुम्हारा पति, तुम्हारी बिलकुल कदर नही करता”….. क्यों नहीं तुम … Read more

रंगे सियार – कविता भड़ाना : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : बारह वर्षीय पोती आरोही को ट्यूशन पढ़ाने के लिए शहर के सबसे बड़े इंस्टीट्यूट से एक अधेड़ उम्र के शालीन से शिक्षक सभी विषयों को पढ़ाने आते है…. रामदयाल जी बैंक में मैनेजर के पद से रिटायर्ड है और आजकल घर पर ही आराम करते है। बेटा बिजनेस के सिलसिले … Read more

“बंजर होते मन” – कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

“कैसी बात कर रही है भाभी आप” भईया को गए अभी दो महीने भी नही हुए और आप ने अपनी ननद के लिए इतना घटिया सोच लिया। हम बहन, बेटियों के लिए हमारा मायका सलामत रहें, हमारी बस यहीं चाह होती है एक बात और बता दूं भाभी की आपके प्यार ओर सम्मान के अलावा … Read more

“पीर पराई”- कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “मैं सिर्फ़ आपकी पत्नी ही नहीं, बल्कि एक बेटी भी हूं” आंखों से बह रहे आंसुओ को पोंछते हुए स्वाति ने अपने पति राघव से तेज आवाज में कहा तो राघव ने एक तेज झन्नाटेदार थप्पड़ स्वाति को दे मारा जिससे वह लड़खड़ाती हुई पास रखी मेज़ से टकरा गई … Read more

आत्मसम्मान सर्वोपरि  –  कविता भड़ाना

सुबह से चाय के इंतजार में बैठे “रामदयाल जी” आज खुद को बेहद लाचार सा महसूस कर रहे है।एक समय सरकारी अफसर रहे रामदयाल जी की सुबह नौकरों की फौज द्वारा उनके एक एक काम को करने के लिए तत्पर रहने से लेकर, पत्नी “राधिका”के निर्देशों में बने तरह तरह के स्वादिष्ट पकवानों से होती … Read more

लंच बॉक्स – किरण केशरे  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : नीलू समीर के साथ गुजरात की यात्रा पर पिछले आठ दिनों से निकली थी पावागढ़, दीव, द्वारका से हुए जयपुर आए थे।  दिनभर जयपुर की सैर कर जब थक गए, तब समीर ने कहा क्यों न अब अच्छे से रेस्टोरेंट में खाना खाया जाए।  नीलू ने भी हामी भर दी … Read more

“भाग्यवान”- कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुलेखा कई दिनों से देख रही है की उसकी छोटी बेटी रिया बहुत उदास और सबसे खींची – खींची सी रहने लगी है, पहले जहां सारा घर रिया की शरारतों से गुलज़ार रहता था वही उसकी ये चुप्पी घर में सब को खल रही थीं। पति सिद्धार्थ , सास – … Read more

“रिश्तों की खूबसूरती” – कविता भड़ाना: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ऑफिस से घर आते ही दिव्या का दिमाग फिर से घूम गया, जब उसने देखा कि उसकी बड़ी बेटी, जो दसवीं की छात्रा है, अपनी चाची से बहस कर रही थीं और दिव्या की छोटी बेटी भी अपनी बहन का साथ दे रही थीं,मां को आया देख दोनों एक बार … Read more

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