सन्तुष्ट-मोनिका रघुवंशी Moral stories in hindi

प्रतीक मैं नौकरी करना चाहती हूं… थाली में गर्म रोटियां रखती हुई नेहा बोली। नौकरी ऐसे अचानक, पर क्यों मैंने या मम्मी ने कभी किसी चीज के लिए रोका है तुम्हे। वो बात नही है प्रतीक, मैं अब घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी एक पहचान बनाना चाहती हूं सुमि भी अब तीन साल … Read more

किस्मत की गाड़ी -मोनिका रघुवंशी   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुधा दी का फोन आया था, उनके बेटे विवेक की शादी तय हो गयी है। हम दोनों को आने का न्यौता दिया है। मनस्वी अपने पति मयंक को खाना परोसते हुए बता रही थी। मैं तो नही जा पाऊंगा यार और बच्चों के भी एग्जाम रहेंगे….. देख लो बहुत जरूरी … Read more

चरित्रहीन औरतें – मोनिका रघुवंशी : Moral stories in hindi

moral stories in hindi : हमारे यंहा रविवार की सुबह अन्य दिनों की अपेक्षा कुछ सुकून भरी होती है सुबह के सात बजे तक आराम से उठो,पति मॉर्निंग वॉक पर निकले और मैं अपनी कड़क चाय की प्याली लेकर बालकनी में अपने नन्हे मुन्हे पौधों को निहार रही थी। तभी एक बड़ा सा ट्रक हमारे … Read more

आखिर क्यों… – मोनिका रघुवंशी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : दीवार पर लगी घड़ी रात के 12 बजा रही थी कमरे में बहुत हल्की नीली रोशनी, मैं बिस्तर पर अकेले पड़ी पड़ी नींद का या शायद राघव का इन्तजार कर रही थी। आंखों से नींद कोसों दूर थी, पगफेरे के बाद ये हमारी पहली रात थी मन मे अनगिनत बातें … Read more

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