उलझन-एक पहलू ये भी (भाग -2) : Moral Stories in Hindi

लड़की उसे रिझाने की कोशिश कर रही थी और राजीव उसके बनाव श्रृंगार को देख रहा था। लड़की ने बोला,” जल्दी करो साहब… मुझे लेट हो रहा है”, कह कर वो अपने कपड़े उतारने को हुई तो राजीव ने उसे रोक दिया और बोला,” प्लीज आप मुझे डांस करके दिखा दो बस,” लड़की उसकी बात सुन हैरान हुई पर मुस्कुरा कर नाचने लगी। राजीव को उसका डांस अच्छा लग रहा था…. वो भी उसके साथ थिरकने लगा।
उसे अपने साथ थिरकते देख वो लड़की हैरान हो गयी, राजीव की कमर उससे ज्यादा बल खा रही थी और गाने के भाव उसके चेहरे पर खूब जँच रहे थे। लड़की ने अपना नाचना बंद किया और उसे बोला,” तुम ऐसा किसी के सामने मत करना , वर्ना लोग तुम्हें किन्नर बना कर अपने परिवार से तुम्हें अलग कर देंगे और तुम्हारा जीना हराम हो जाएगा।”
राजीव उसकी बात सुन तुरंत वहाँ से घबराकर निकल आया क्योंकि वो किन्नरों को आमतौर पर रेड लाइट पर भीख माँगते और गाली गलौज करते हुए तो देखता ही था गाँव में भी उनका नाच गाना देखते आया था और लोगो का उनका मजाक उड़ाना भी उसकी आँखों के आगे तैर गया।
राजीव ने अपने आप को उसके बाद नौकरी और कमरे में ही समेट लिया था। वो सबसे बात करने में भी हिचकने लगा था। उसका मन धीरे धीरे नौकरी से हटने लगा वो हर वक्त किन्नरों के बारे में सोचता और उसे सपने भी ऐसे आने लगे तो घबरा कर उसने नौकरी छोड़ दी और वो वापिस गाँव आ गया है। यहाँ अपनी नयी चाची को नाचते देख वो मंत्र मुग्ध हो गया था। उसमें फिर वही भाव जाग रहे हैं…..।
धीरे धीरे वक्त बीत रहा है। राजीव को अपनी शिल्पी चाची का साथ भाने लगा है। जब भी वो काम करके आराम करने कमरे में जाती वो भी वहीं पहुँच जाता। शिल्पी भी राजीव से खूब बातें करती। शिल्पी एक पढी लिखी लड़की थी तो राजीव उससे हर तरीके की बात करता फिर घूम फिर कर कभी शिल्पी की साड़ी की तारीफ करता तो कभी उसके बालों की और शिल्पी मुस्कुरा देती।
ऐसा नही था कि शिल्पी बिल्कुल बेखबर थी। उसे हमेशा लगता कि राजीव किसी उलझन में है और वो कुछ बात कहना चाहता है। कभी कभार उसका लड़कियों जैसी बातें करना शिल्पी अनदेखा नही कर पा रही थी क्योंकि ये बात राजीव को कुछ अलग दिखा रही थी।
बस एक दिन मौका देखते ही शिल्पी ने राजीव से उसकी परेशानी पूछी तो वो थोडा़ डर और झिझकता हुआ सब इस विश्वास के साथ बतलाता चला गया की शिल्पी चाची उसे समझेगी। शिल्पी ने भी उसे ध्यान से सुना और समझने की कोशिश भी की। उसने राजीव से वादा किया कि वो किसी को कुछ नही कहेगी।
शिल्पी ने राजीव का लैपटॉप लिया और काफी सारे आर्टिकल्स उसने पढ़ डाले। साइंस ग्रेजुएट शिल्पी ने अपने उम्र से कुछ ज्यादा बड़े राजीव के किशन चाचा के साथ इसलिए शादी की थी क्योंकि शिल्पी को उनका व्यक्तित्व भा गया था। किशन भी उसे पसंद करने लगे थे तो दोनो की रजामंदी से उनकी शादी हो गयी।
शहर में रहने वाली शिल्पी गाँव में अपने मामा मामी से मिलने आयी और यहीं की हो गयी। उसे गाँव में रहने से कोई दिक्कत नही थी। एकल परिवार में रहने वाली वो तो इतना बड़ा परिवार पा कर खुश थी। उसे अब राजीव की परेशानी को सुलझाना था।
उसने कुछ दिनों में राजीव से खुल कर बात करके हल ढूँढ निकाला और उसने दिल्ली के एक Endocrinologist से मिलने का समय ले लिया। शिल्पी ने अपने मायके जाना था। उसका भाई उसे लेने आया तो राजीव ने दूसरी नौकरी के लिए इंटरव्यू देने का बहाना बनाया और शिल्पी के साथ चल दिया। ये प्लानिंग तो शिल्पी ने ही की थी।
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इस कहानी को दो लेखिकाओं ने मिलकर लिखा है
सुमन ओमानिया और सीमा बी.

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