दास्तान इश्क़ की (भाग -23)- अनु माथुर : Moral stories in hindi

अब तक आपने पढ़ा….

देवेंद्र जी शीतल और बाक़ी सब यात्रा से वापस आ जाते हैं…. राधिका रुपाली के सामने राघव और कावेरी की शादी का प्रस्ताव रखती है और वो मान जाती है…

अब आगे….

रुपाली बहुत खुश थी…. राधिका कावेरी को गले से लगा कर कहती है बधाई हो…. कावेरी मुस्कुराकर थैंक्स बोलती है

बधाई हो साली साहिब….

कुँवर जी …..

सॉरी ….. कावेरी जी

राघव मेरे यार बहुत – बहुत बधाई हो ….ाघव आदित्य को गले लगाते हुए थैंक्स कहता है

रुपाली ने कहा ….. रिश्ता तो हो गया लेकिन हमको एक फंक्शन करना होगा…जो हम राधिका के पूरी तरह ठीक हो जाने पर करेंगे  बाक़ी शादी की डेट हम पंडित जी से कह कर निकलवायेंगे….. मुझे तो बड़ी खुशी हो रही है कावेरी हमारे घर की बहू बनने जा रही है….

कावेरी शर्मा जाती हैं तो राधिका उसे साइड से पकड़ लेती है…

लाजो जो मिठाई लिए खड़ी थी वो राघव के पास आती है और कहती है – आपकी तो हो गयी तय शादी मेरी कौन करायेगा?

“राघव ने कहा – मेरी तो होने दो देखते है तुम्हारी भी…. “

“अरे बात तो करो आप पहले होगी तो बाद में …. “

“अभी ??? राघव ने कहा “

“हाँ और नहीं तो कब ??? अभी सब है… “

“लेकिन भुवन मनेगा ?? “

“वो पता नही …… “

“क्या ???? लड़का शादी करने के लिए तैयार है ये पता नही और बात करूँ???? मैं अरे वो भुवन है तुम्हारे साथ – साथ मुझे भी ऊपर पहुँचा देगा “

“वो मुझे नही पता बात तो करनी पड़ेगी आपको “

ये क्या बातें कर रहे है आप दोनों …राधिका न राघव से पूछा

“भाभी …..राघव एक बार फिर लाजो की तरफ देखा

हाँ बोलिए…..

“भाभी लाजो जी को भुवन पसंद है.”.. उसने जल्दी से कहा

सबने सुना तो उनके मूँह खुले रह गए…

“क्या??राधिका ने कहा लाजो तुम भुवन को पसंद करती हो?? “

लाजो ने अपने दुपट्टे के कोने को पकड़ा और सिर हिला कर हाँ कहा

आदित्य ने कहा – भुवन ने तो हमें ये बात नही बतायी

नही….ठाकुर साहब उनको नही पता ये तो मैं करती हूँ – लाजो ने जल्दी से कहा

“मतलब ??? भुवन के दिल की बात जाने बिना ….??? ” आदित्य ने पूछा

“राधिका ने कहा इसमें कौन सी बड़ी बात है अभी जान लेते हैं कुँवर आप भुवन जी को यहाँ बुलाइये हम करते हैं उनसे बात”

“राधिका…..आपको नहीं पता वो…. “

“क्या वो….अरे लाजो जैसी अच्छी लड़की उनको कहीं नहीं मिलेगी इस बात की गारंटी मैं ले रही हूँ..”. राधिका ने कहा

तभी भुवन कुछ पेपर्स हाथ में लिए वहाँ आ गया…

राधिका ने  धीरे से आदित्य से  कहा – अब तो भगवान् भी यही चाहते हैं देखिए कुँवर भुवन आपके बुलाने से पहले ही आ गए…

आदित्य ने राधिका से कहा-” पहले आप  रिश्ते के लिए भुवन को हाँ तो करने दें .. “

भुवन ने आदित्य से कहा – कुँवर ये पेपर्स हैं घनश्याम जी ने भेजे हैं आपको देने के लिए

स्टडी में रख देना …..

जी…..

राधिका ने कहा भुवन जी …

जी ठाकुराइन….

“भुवन जी आपको लाजो कैसी लगती है “??

अचानक पूछे गए ऐसे सवाल से भुवन हैरानी से राधिका को देखने लगा…. और लाजो नीचे मूँह किए हुए चोर नज़रों से भुवन को देख रही थी

“अरे आप घबराओ मत बताए ना  “….

भुवन ने कहा – ” ठीक लगती है “

“मतलब अच्छी है ना?? “: राधिका ने पूछा

ठाकुराइन…..

“भुवन जी हमें लाजो पसंद हैं और वो भी आपको पसंद करती है ….. अगर आपको लाजो पसंद है तो हम इस रिश्ते को पक्का करें”

जी….. ?????

भुवन जी हमें लाजो पसंद है आपके लिए …. राधिका ने कहा

आदित्य ने कहा – आप भुवन को बोलने का मौका देंगी??

मैं कहाँ कुछ कह रही हूँ उनसे ही तो पूछ रहीं हूँ… राधिका ने कहा

आदित्य ने कहा – भुवन सोच समझ कर फैसला करना जिंदगी भर का सवाल है…

“कुँवर लाजो में कोई कमी है क्या ?? चिराग़ लेकर ढूंढेंगे भुवन जी तब भी इतनी अच्छी लड़की नहीं मिलेगी ” राधिका ने अपनी बात पर ज़ोर देते हुए कहा

“राधिका ….मैंने कब कहा कि लाजो में कोई कमी है मैं तो भुवन से कह रहा हूँ सोच समझ कर फैसला करे … “

‘हाँ तो बात तो वही है ना कि कोई कमी है इसलिए सोचे…” राधिका ने कहा

सब लोग राधिका को आदित्य को ऐसे लड़ते हुए देख कर हँस रहे थे और साइड में जाकर बैठ गए

राघव ने धीरे से लाजो से कहा  – लो कहाँ हम तुम्हारी शादी की बात कर रहे थे और कहाँ ये दोनों ही आपस में लड़ने गए… अब पहले इनकी लडाई ख़तम करवाओ…..

राघव ने कहा आप दोनों बंद करो ये बातें भुवन को बोलने दो…. राघव के ऐसा बोलने पर दोनों चुप हो गए

हाँ तो भुवन क्या फैसला किया लाजो पसंद है ??? शादी करोगे?? राघव  ने पूछा

भुवन ने एक बार आदित्य की तरफ देखा और फिर लाजो की तरफ और बोला ” हाँ पसंद है “

राधिका ने खुश होते हुए कहा – “बिल्कुल सही फैसला किया आपने … अब दो शादियाँ होंगी…. बहुत मज़ा आयेगा

बधाई हो लाजो …..वो लाजो के पास गयी और उसे गले से लगा लिया… लाजो ने भी राधिका को कस के पकड़ा हुआ था…. कावेरी भी लाजो के पास गयी और उसे गले लगा कर बोली बधाई हो लाजो जी लगता है तुम्हारे हाथों के बने खाने ने कमाल दिखा ही दिया…… लाजो थोड़ा सा शर्मा गयी

आदित्य ने भुवन से कहा – “बधाई हो भुवन अब तुम्हारे भी आज़ादी वाले दिन गए और अब तुम राघव और मेरे जैसे हो गए हो “

उसने भुवन को गले लगाकर बधाई दी राघव ने भी भुवन को गले से लगाया और बोला छुपे रुस्तम निकले तुम तो… भुवन थोड़ा सा मुस्कुराया…… और राघव ने उसे और कस के पकड़ लिया

दोनों ने देवेंद्र जी, शीतल, वीरप्रताप जी और रुपाली  का आशीर्वाद लिया …

आदित्य का घर खुशियों से भर गया सब लोग खुश थे….किसी को नही पता था कि अगले पल क्या होने वाला था….

15 दिन बीत गए राधिका का प्लास्टर निकलवाने के लिए आदित्य उसके साथ हॉस्पिटल जा रहा था भुवन गाड़ी ड्राइव कर रहा था….थोड़ी ही देर में वो लोग हॉस्पिटल पहुँच गये …. आदित्य ने राधिका को संभाल कर  गाड़ी में से उतारा और हॉस्पिटल के अंदर ले गया…. भुवन ने गाड़ी पार्क की और उनके पीछे गया…

डॉक्टर ने राधिका का प्लास्टर काट दिया थोड़ा सा हाथ का मूवमेंट कराया और फिल्हाल उसे कुछ भारी उठाने को मना किया… आदित्य ने डॉक्टर को थैंक्स कहा और बाहर आ गया भुवन बाहर ही खड़ा था…. उसने आदित्य से पूछा – सब ठीक है ना कुँवर ?

हाँ सब ठीक है

आप आए मैं गाड़ी निकलता हूँ…

आदित्य राधिका और भुवन बाहर आ गए  भुवन गाड़ी निकालने गया…. आदित्य राधिका से बात करते हुए रोड पर आ गया  था ….तभी उसका फोन बजा उसने फोन देखा और राधिका को एक मिनट रुकने के लिए कहा….. राधिका रुक गयी और इधर – उधर देखने लगी ….. भुवन ने गाड़ी बैक की और आदित्य की तरफ आने लगा…..

राधिका रोड के किनारे खड़ी थी…..

भुवन ने गाड़ी में लगे हुए मिरर से देखा एक गाड़ी बहुत तेज़ी से जहाँ राधिका खड़ी थी उसकी तरफ आ रही थी……

भुवन ने दरवाज़े का मिरर नीचे किया और ज़ोर से पुकारा कुँवर ठाकुराइन

आदित्य ने देखा तो उसके होश उड़ गए गाड़ी राधिका के बहुर पास आ गयी थी… उसने पुकारा राधिका….. और उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ फुर्ती से खींचा….. राधिका आदित्य के सीने से जा लगी….

आदित्य की सांसे बहुत तेज़ चल रही थी उसने राधिका को कस के गले से लगा लिया…… राधिका भी डर गयी उसने भी आदित्य को कस के पकड़ लिया

आदित्य ने राधिका को अपने से अलग किया और पूछा आप ठीक है???

जी कुँवर…. भुवन भी तब तक वहाँ आ गया था उसने पूछा – आप दोनों ठीक हैं??

आदित्य ने हम्म कहा और बोला चलो यहाँ से भुवन ने गाड़ी का दरवाज़ा खोला आदित्य ने राधिका को बैठाया फिर खुद बैठ गया भुवन ने गाड़ी सड़क पर दौड़ा दी

भुवन को हैरानी हुयी कि आदित्य ने बिल्कुल गुस्सा नही किया ना ही गाड़ी के बारे में कुछ पूछा उसने सामने मिरर में देखा तो आदित्य उसे बिल्कुल शांत नज़र आया…..!!!

आशा करती हूँ कहानी का ये भाग आपको पसंद आया होगा

अगला भाग

दास्तान इश्क़ की (भाग -24)- अनु माथुर : Moral stories in hindi

 

धन्यवाद

स्वरचित

कल्पनिक कहानी

अनु माथुर 

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