एक प्यारी सी लव स्टोरी (भाग -10) – अनु माथुर : Moral Stories in Hindi

अब तक आपने पढ़ा …

Plan के मुताबिक सुनीता जी रोहित को station जाने से  रोक लेती हैं और अपने साथ मन्दिर ले जाती है… बाद में जैसा सबने सोचा था दोनो की मुलाक़ात को यादगार बनाना वैसा हो ही जाता है….

अब आगे….

रोहित ऋतिका का हाथ थामें हुए उसे ही देखे जा रहा था….

ऋतिका की नज़रे रोहित की तरफ उठ ही नहीं रही थी……उसके दिल की धड़कन बहुत तेज़ हो गयी थी… धड़कने तो रोहित की भी बढ़ी हुई थी… पहली बार दोनो आमने – सामने ऐसे खड़े थे…

रोहित ने ऋतिका को पुकारा

ऋतु…

ह्म्म्म ..

वो फिर चुप हो गया और उसके चेहरे की तरफ देखने लगा

ऋतिका की नज़र जब रोहित के हाथ पर गयी तो  उसने देखा  रोहित ने बहुत प्यार से उसका हाथ पकड़ा हुआ था…

उसने अपनी नज़रे उपर की तो रोहित उसे ही देख रहा था |

जी मेरा हाथ ..

रोहित ने जैसे कुछ सुना ही नही..

ऋतिका ने फिर कहा ….

मेरा हाथ….

रोहित जैसे सपने से बाहर आया

ओह… हाँ .. उसने हाथ छोड़ा और कहा आप तो सच में गुड़िया जैसी ही हो

ऋतिका थोड़ा सा मुस्कुराई

रजत ने सही कहा था आपकी smile  बहुत प्यारी है

ऋतिका अपनी तारीफ सुनकर थोड़ा सा शर्मा गयी थी

Sorry मैं आपको लेने नहीं आ

पाया..आपने इंतज़ार किया होगा ना मेरा …

ह्म्म्म ….ऋतिका ने कहा

मम्मी को मन्दिर में कुछ बात करनी थी पंडित जी से इसलिए… फिर मेरे clint के पास जाना पड़ा…

कोई बात नहीं….

Sorry…लेकिन अब मैं आपको अकेला नहीं छोडूंगा.  वैसे आने में कोई परेशानी तो नही हुयी आपको?

नही…

आपका स्वागत हमारे शहर में, हमारे घर में और मेरी ज़िंदगी में कहते – कहते रोहित उसके थोड़ा सा और करीब आ गया

आप कुछ नहीं कहेंगी.. ?

उसके ऐसे इतना पास आने से  ऋतिका की साँसे ऊपर नीचे होने लगी  थी…

उसने अपने दिल को थामा और बोली

. … वो बाहर सब….wait कर रहे है ये बैग लेने आयी थी मैं …

तभी राशि ने अंदर आते हुए कहा – ऋतिका नही मिला क्या बैग?

उसके पीछे रजत और नेहा भी थे

रोहित ने उनकी आवाज़ सुनी दो कदम पीछे हो गया

अरे भाई मिले आप ऋतिका दी से ?

हाँ… रोहित ने कहा

है ना बिल्कुल गुड़िया जैसी… राशि बोली

और इनकी smile भी कितनी प्यारी है ना  रजत ने कहा

रोहित.. ऋतिका को देख कर मुस्कुरा रहा था

लाओ बैग मुझे दे दो राशि ने कहा तो रजत ने कहा दी मैं ले जाता हूँ आप रुको

नेहा तब तक ऋतिका के पास आ गयी थी और उसने ऋतिका को इशारे से पूछा क्या हुआ ?

ऋतिका ने कुछ नही में अपना सिर हिलाया और मुस्कुराने लगी

ऋतिका ने रोहित की तरफ देखा तो रोहित उसे ही देख रहा था

रजत बैग लेकर जाते हुए एक बार पीछे मुड़ा और गाने लगा

दो दिल मिल रहे है मगर चुपके – चुपके

सबको हो रही है

हाँ …

सबको हो रही है ख़बर चुपके  – चुपके

रोहित उसे हैरानी से देखने लगा… और उसके साथ ही बाहर जाते हुए ऋतिका को एक बार फिर से देखता है

ऋतिका भी उसे ही देख रही थी..

नेहा ने उससे धीरे से पूछा कैसी रोहित जी से  पहली  मुलाक़ात  ?

ऋतिका ने दरवाज़े की तरफ देखते हुए ही कहा… अच्छी रही..

. फिर एकदम से उसे होश आया.. उसने देखा राशि उसकी तरफ देख कर मुस्कुरा रही थी

चलें बाहर राशि ने कहा और दोनो राशि के पीछे पीछे बाहर आ गयी

बाहर सुनीता जी सबको सामान दिखा रहीं थी उन्होंने राशि को आते हुए देखा तो इशारे से पूछा क्या हुआ ??

राशि ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया और आँखों को झपक कर सब ठीक होने का इशारा किया….

सुनीता जी मुस्कुराई और ऋतिका को बोली आओ बेटा तुम भी देख लो फिर हम सब रख देंगे |

ऋतिका और नेहा दोनो ही सामान देखने लगी

मुकेश जी,रोहित , रजत और बाक़ी gents सब  वहीं थोड़ा दूर पर बैठे हुए थे..

रोहित ऋतिका को हँसते बातें करते हुए देखे जा रहा था |

रजत ने उसे ऐसे देखा तो कहा – भाई आप ऐसे ही ऋतिका दी को देखते रहोगे तो उनको नज़र लग जायेगी…

रोहित ने उसकी तरफ देखा तो वो आगे बोला… हाँ मुझे पता है आप उनको पहली बार देख रहे हो … मतलब फोटो में तो देखा होगा लेकिन ऐसे सामने पहली बार देख रहे हो…. लेकिन ऐसे देखोगे तो सब क्या सोचेंगे?

रोहित ने उसे घूर कर देखा और थोड़ा  सा सीधा होकर बैठ गया… उसकी नज़र अभी भी ऋतिका पर ही थी

ऋतिका भी रोहित का उसे देखना महसूस कर रही थी… और उसे आँखों के कोनो उसे   देखती जा रही थी

नेहा ने रोहित की तरफ देखा तो उसे शरारत सूझी वो घूम कर आयी और ऋतिका के सामने बैठ गयी

रजत ने ये देखा तो उसे हँसी आ गयी

अब रोहित को ऋतिका दिख नही थी …उसने बुरा सा मुह. बनाया..वो कुछ भी नहीं सकता था..

तभी मुकेश जी रोहित से बोले…. रोहित देखो ना ज़रा बाहर सब काम ठीक हो रहा है ना

रोहित उठा तो उसके साथ रजत भी उठ कर जाने लगा और बोला.. मैं भी चलता हूँ

और जाते जाते नेहा को thumbs up किया

नेहा ने देखा तो धीरे से मुस्कुराई

क्या हुआ ऋतिका ने पूछा

कुछ नहीं.. तुम ये देखो और उसे साड़ी दिखाने लगी

सब खुश थे जो सोचा वो हो गया था..

ऋतिका और नेहा भी सबसे घुल – मिल गयी थी.

सब लोग फिल्हाल काम में लगे हुए थे…. ऋतिका और नेहा दोनो ही राशि के साथ उसका सामान रखने में मदद कर रही थी

पूरा दिन ऐसे ही निकल गया…. शादी का घर था तो काम बहुत थे..

बीच में कभी ऋतिका और रोहित मिलते तो दोनो ही एकदूसरे को देख कर मुस्कुरा देते..

आज का दिन निकल गया था अगले दिन राशि को हल्दी और मेहंदी लगनी थी …

राशि ऋतिका और नेहा के साथ अपने कमरे में आ गयी थी

थक  गयी है क्या दी आप.. ऋतिका ने पूछा

हाँ.. थोड़ा सा..

आइये मैं आपके थोड़ा सा तेल लगा देती हूँ आराम मिलेगा आपको

हाँ लगा दो कल वैसे भी हल्दी लगेगी तो अच्छा ही है  

ऐसा कह कर चौकी पर बैठ गयी और ऋतिका पलंग पर बैठ कर उसको तेल लगाने लगी

नेहा ने कहा दी के बाद मेरे भी लगा देना

तभी दरवाज़े पर किसी ने knock किया……दी हम आ  जाये क्या  ?

हाँ.. आओ

रजत अंदर आया उसके पीछे रोहित भी था

दी अगर आप कुछ कर नही रही तो हम थोड़ी देर बैठ जाए आपके साथ

अरे हाँ बिल्कुल.. बस ऋतिका तेल लगा रही है..

रजत वहीं ऊपर बेड पर बैठ गया  जहाँ नेहा बैठी हुयी थी… नेहा ने उसे देखा तो थोड़ा सा दूसरी तरफ सरक गयी

रजत ने उसके फोन में देखने के लिए झाँका तो उसने अपना फोन पीछे की तरफ किया और बोली — क्या है?

कुछ नही मैं तो बस देख रहा था कि आप किसके साथ busy है

किसी के साथ भी हूँ आपसे मतलब

हाँ.. मतलब है ना अब हम सब यहाँ है तो वो कोई ख़ास ही होगा ना जिस से आप बात कर रहीं हैं

ख़ास शब्द सुनकर ऋतिका और रोहित ने एक दूसरे की तरफ देखा… दोनो एक दूसरे को देखा और मुस्कुराने लगे

रजत ने देखा तो बोला – क्या हुआ भाई

बैठे ना आप भी

रोहित थोड़ी दूर पर रखी हुयी chair पर बैठ गया,…

रजत ने अपना फोन निकला और एक msg किया..

राशि के फोन पर msg आया तो उसने देखा रजत का msg था

दी कुछ सोचो वरना ये दोनो ऐसे ही बैठे रहेंगे… और कुछ बात नही करने वाले बस मुस्कुराते रहेंगे एक दूसरे को देख कर

राशि ने रजत की तरफ देखा.

रजत ने इशारे से कहा कुछ सोचो

उसने कुछ सोचा और बोली अब ठीक लग रहा है ऋतिका रहने दो

हाँ मेरे लगा दो नेहा ने बोला और उठने को हुई तो… उसका balance बिगड़ गया.. वो गिरती लेकिन रजत ने उसे पकड़ लिया…. दोनो ने एक दूसरे की तरफ देखा…नेहा संभाली और जल्दी से नीचे उतर गयी |

ऋतिका और रोहित बस एक दूसरे को देख रहे थे

तभी राशि ने कहा….. रोहित जाओ ना तुम लोग ice – cream  खा कर आओ

हाँ good idea रजत ने कहा

चलो भाई चलते है

चलो ऋतिका दी… और नेहा आप भी चलें

Ice – cream के नाम से नेहा जल्दी से उठी और बोली लग गया तेल चलो ice – cream खाने

उसे बच्चो की तरह खुश देख कर रजत हँसी  आ गयी

ऋतिका ने कहा दी आप भी चलिए ना

नहीं ऋतिका अभी बाहर नही जा सकती और रात को बिल्कुल भी नही

तुम लोग जाओ… सुनीता जी ने कमरे में आते हुए कहा

राशि ने धीरे से ऋतिका को कहा वो क्या है ना तुम्हारे जीजू से बात करनी है मुझे रोहित और रजत को बाहर भेजने का इस से अच्छा plan नही था मेरे पास समझी

ह्म्म्म..ऋतिका ने भी धीरे से कहा और बाहर की तरफ जाने लगी

सब घर के बाहर आ गए थे… थोड़ी देर में सब बिल्डिंग के गेट के पास आ गए चारों एक line मे चल रहे थे.

.रजत रोहित के साथ चलते हुए थोड़ा सा आगे हो गया उसने नेहा को आगे आने का इशारा किया… तो वो इस बार समझ गयी और बिना कुछ बोले तेज़ कदमो से रजत के पास चली गयी

अब रोहित और ऋतिका दोनो ही साथ में चल रहे थे |

नेहा पीछे मुड़ कर देखने लगी तो रजत ने कहा…. अरे पीछे मुड़ के मत देखो रहने दो ना कुछ देर उनकी अकेला और थोड़ा जल्दी चलो उनसे दूर रहना है हमको

नेहा ने सांस भरी और उसके साथ ही चलने लगी

रोहित ऋतिका के थोड़ा सा करीब आया तो चलते- चलते  उसका हाथ ऋतिका के हाथ को छूने लगा

ऋतिका ऐसे रोहित की छुअन से अपने में ही सिमटी जा रही थी

रोहित ने  धीरे से उसका हाथ अपने हाथों में लिया ऋतिका थोड़ा सा शरमायी और मुस्कुराने लगी

तो कैसा लगा… रोहित ने पूछा

कौन… ऋतिका ने कहा

मैं…. रोहित ने सामने देखते हुए कहा

ऋतिका ने अपनी नज़रे नीचे की …रोहित ने जो  हाथ उसका पकड़ा हुआ था उसने  हाथ की उंगलियों को खोला और रोहित की उंगलियों में मिला दिया… रोहित ने ऐसा होते ही उसकी तरफ देखा और चलते – चलते रुक गया

तो बात करूँ मैं घर पर अब तो आपकी इजाज़त मिल गयी

ऋतिका ने सिर को नीचे कर लिया

रोहित थोड़ा सा उसके करीब आया और बोला love you

आप नही कहेंगी कुछ

ऋतिका कुछ बोलती उसके पहले ही रजत ने उसे आवाज़ दी

भाई…. यहाँ

रोहित ने मन में कहा ये हमेशा गलत time पर ही बोलता है

हाँ… आ रहे है

सबने अपनी पसंद की ice – cream ली और वापस घर की तरफ जाने लगे

रोहित और ऋतिका अलग ही दुनिया मे पहुँचे गए थे….. दोनो ही बहुत खुश थे

घर पहुँचे तो सब सो चुके थे … रजत अपने कमरे मे और नेहा राशि के कमरे में जा रही थी

रोहित ने ऋतिका का हाथ पकड़ा और उसे 

अपने कमरे में ले आया.. नेहा ने देख लिया था.. पर उसने कुछ कहा नही

ऋतिका कुछ समझ ही नही पायी और बोली – क्या हुआ?

रोहित ने दरवाज़ा बंद किया और उसकी तरफ बढ़ने लगा

ऋतिका पीछे की तरफ जा रही थी और रोहित को देखे जा रही थी

वो पीछे अलमारी के पास  जा कर रुक गयी.

रोहित मुस्कुराया और उसने अपनी अलमारी  का side door खोला ऋतिका को देखते हुए ही उसने एक box अलमारी से निकला और अलमारी बंद कर दी

फिर उसने ऋतिका का हाथ पकड़ा और उसे बेड पर बिठाया खुद वो उसके सामने स्टूल पर बैठ गया

उसने वो box ऋतिका को देते हुए कहा… ये आपके लिए…

ऋतिका ने वो box लिया और उसे खोला उसमे एक बहुत प्यारी सी पायल थी जिसमें आसमानी रंग के मोती लगे हुए थे

ऋतिका ने रोहित की तरफ देखा

रोहित मुस्कुराया और बोला….

मैंने बहुत सोचा कि आपको क्या दूँ

फिर आपके पसंदीदा रंग का ख़्याल आया….मैंने ये पायल बनवाई कि जब आप चले तो मैं ना भी हूँ आपके साथ तो मेरा एहसास आपके साथ रहे…

ऋतिका रोहित को देख रही थी…

क्या सोचने लगी आप

यही कि क्या ये सब सच में हो रहा है मैं कोई सपना तो नही देख रही हूँ…..

कैसे आपने मुझसे अचानक बात की…. और ये सब

रोहित ने उसका हाथ अपने हाथों में लिया और बोला – बिल्कुल सब कुछ सच है..

आप मेरे साथ है.. मेरे घर में

ऋतिका धीरे से मुस्कुराई और बोली अब मैं जाऊँ वो नेहा और दी मेरा इंतज़ार कर रही होंगी

रोहित उठा और बोला… मन तो नही कर रहा कि आप जाएं  लेकिन ठीक है आप जाए

ऋतिका दरवाज़े तक पहुँची ही थी….कि रोहित ने कहा ऋतु

उसने पलट कर पीछे देखा तो रोहित ने उसे से कहा

आपने उसे ख़ास का नाम अभी तक नहीं बताया  ?

ऋतिका  मुस्कुराई और कमरे से बाहर निकल आयी |

आशा करती हूँ कहानी का ये भाग आपको पसंद आया होगा

जल्दी ही फिर मिलूँगी

धन्यवाद

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धन्यवाद

स्वरचित

कल्पनिक कहानी

अनु माथुर

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