कलंक – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

वह बहुत तेजी से भागी जा रही थी ।और मै उसके पीछे-पीछे थी।आखिर मैंने उसे पकड़ लिया ” कान्ता तुम?” उसने मुझे पहचान लिया था।और मुझे कसकर पकड़ लिया ।” हाँ दीदी ” ।मै नदी किनारे टहल रही थी ।नदी किनारे टहलना मेरे लिए खास है ।मुझे बहुत अच्छा लगता है नदी, पहाड़ और झरना … Read more

अभागन – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

आज उसके बेटे की हल्दी है ।घर में खूब जोर शोर से तैयारी चल रही है ।घर की औरतें सज धज रही है ।वह भी अपनी अलमारी खोल कर बैठी थी,” कौन सी साड़ी पहनूँ?यह सोचती हुई ।फिर अपनी माँ की दी हुई गुलाबी बनारसी निकाल लिया ।यही ठीक रहेगी ।उसे गुलाबी रंग बहुत पसंद … Read more

” टूटते रिश्ते ” – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

मीता का आज मन नहीं लग रहा था ।आज चौबीस मई है ।पति के गुजरे पूरे बीस वर्ष पलक झपकते न जाने कैसे बीत गया ।कितनी खुशहाल थी वह अपनी गृहस्थी में ।कितने जतन से बचाया था उसने अपने परिवार के बीच ” टूटते रिश्ते ” को। आज अचानक क्यों याद आ रहें हैं उसे … Read more

बुढ़ापा -उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

आज उषा जी को पनीर खाने का मन हो आया था ।कमबख़्त बुढ़ापा भी न अजीब सी चीज होती है ।पैर कब्र में लटका हो तो जीभ और भी चटोरी हो जाती है ।लेकिन सब दिन ऐसी नहीं थी उषा जी ।शुरू से ही बहुत संतोषी थी वह।अच्छा खाना किसे अच्छा नहीं लगता, लेकिन पहले … Read more

हमसफ़र-उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

शोभा आज बहुत थक गई है ।अब शरीर नहीं चलता है क्या करे वह ।शरीर चलाना पड़ता है ।वह चाहती भी नहीं है कि किसी पर बोझ बने और हर जरूरत के लिए किसी पर आश्रित हो जाए।बेटा बहू दिल्ली में है अपनी नौकरी पर ।बहुत कहा उनहोंने “अम्मा, अब अकेले मत रहो,हमारे साथ चलो, … Read more

अटूट बंधन -उमा वर्मा । Moral stories in hindi

भाभी  के पेट का आपरेशन हुआ था ।करीब पन्द्रह दिन पहले ।अम्मा बाहर अपने आफिस के ग्रुप के साथ तीर्थ यात्रा पर गई हुई थी ।बीच में ही मेरी भाभी की तकलीफ इतनी बढ़ गई कि आपरेशन के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा था ।भाई आकर मुझको ले गया था ।देखभाल के लिए किसी का … Read more

धिक्कार – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

आज लक्ष्मी अपने को कोस रही थी “धिक्कार है ऐसे जीवन पर ” सच में अम्मा जी के पोते की लालसा ने उसे पाँच पाँच बेटियों की माँ बना दिया था ।वह तो कभी ऐसा चाहती भी नहीं थी।पर पति की जिद के आगे हार गई थी वह ” अरे अम्मा गलत क्या सोचती है, … Read more

सही फैसला – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

 नन्दिनी आज अपने घर, अपने गांव लौट आई है ।थकी हारी है ।दिन भर का सफर था।बहुत शान्ति मिली है यहाँ आकर ।शायद सोच रही है, जो फैसला लिया, सही किया है ।वह तो मोह माया का बन्धन था।दुख तो होता ही है छोड़ कर लेकिन उसके सामने और कोई चारा नहीं था ।इसी घर … Read more

भाग्य विधाता – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

” क्या हुआ, कहीँ बात बनी?” अविनाश जी सोफे पर आकर निढाल होकर बैठ गये।जब सरला ने दुबारा पूछा तो उनहोंने नहीं में सिर हिलाया ।बेटी गीता के ब्याह को लेकर दोनों पति पत्नी आजकल परेशान थे।जहां जाते ,कहीँ दहेज की मांग अधिक होती, कहीँ लड़का पसंद नहीं होता, कहीँ खाने पीने वाला होता ।कहीं … Read more

खानदान (भाग 2)- उमा वर्मा  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : बेटा बहू को छोड़ दिया कि जाओ,तुम लोग घूमो,फिरो।फिर समय आगे बढ़ता गया ।पोते की अच्छी शिक्षा और अच्छी परवरिश हुई तो अच्छी नौकरी भी लग गई ।वह मुम्बई के एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करने लगा।नौकरी करते चार साल हो गये ।बेटे को चिंता हुई अब इसकी शादी … Read more

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