“भाभी” – मीनाक्षी राय : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :आज सुबह ही रेखा के मायके से उसकी मम्मी का फोन आया और उसने बताया कि उसकी भाई की शादी तय हो चुकी है | रेखा बहुत खुश हो रही थी. साथ में उसके बच्चे भी खुश हो रहे थे, कि नानी घर जाएंगे मामू की शादी है|

रेखा अपने पुराने दिनों की यादों में खो जाती है | रेखा तीन भाई बहनों में अपनी मम्मी पापा की सबसे बड़ी संतान बड़ी संतान है |रेखा कि पिता ऑफिस में तीसरे दर्जे के कर्मचारी थे | सभी भाई बहनों की पढ़ाई मे खर्च की वजह से बचत ज्यादा नही हो पाती थी, पर रेखा की मम्मी  हमेशा झुठी शान मे रहती | 12वी करने के बाद उन्होंने रेखा  की शादी कर दी थी, एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी से |

रेखा की शादी के बाद उसके पापा की पदोन्नति हो जाती है | घर में आमदनी भी बढ़ जाती है, फिर तो उसकी मां पैसों के बल पर इतराने लगती है और सबको अपनी हैसियत दिखाने लगती है | दूसरी बेटी की शादी बैंक में बमैनेजर से कर दी l तीसरी बहन पढ़ कर प्रोफेसर बन गयी और उसकी भी शादी प्रोफेसर से हुई |भाई भी पढ़कर इंजीनियर बन गया और विदेश में नौकरी करने लगा| भाई की शादी एक इन्जिनियर  लडकी से तय होती है|


फोन की घंटी बजने से रेखा का ध्यान टुटा | फोन उठाया तो फिर उसकी मम्मी ने हीं फोन किया था | रेखा की मम्मी उससे कह रही थी कि,” देखो बेटा तेरे भाई की शादी है,  नई भाभी के लिए अच्छी सी साडी लाना, पिछली बार की तरह कुछ भी नही लेती आना|” रेखा ने कोई उत्तर दिये बिना ही फोन काट दिया |

भाई की शादी बहुत अच्छे से हो गई | अब मुह दिखाई की रसम थी | सभी लोग नई बहु को एक से बढकर एक  गिफ्ट दे रहे थे, रेखा की दोनो बहने भी साडी और जेवर बडे शान से नई भाभी को दिखा रही थी | सभी बहुत खुश हो रहे थे साथ मे नई भाभी भी | अब रेखा की बारी आयी तो रेखा ने जैसे ही साडी भाभी की तरफ बढाया रेखा की मम्मी साडी ले ली और मुह बनाते हुए कहने लगी ,”रेखा तुमने ये कैसी साडी ली है थोडा भी तुम्हे हमारी हैसियत का अन्दाजा नही कितनी फीकी है, हमारे इनजिनियर बहु के लायक नही है ये साडी |”रेखा का चेहरा रोने जैसा हो जाता है | इतने में नई भाभी उठी और झट से मम्मी के हाथ से साडी लेकर बोली, ऐसी साड़ी मेरे पास नहीं है और आप लोग देखिए रंग कितना खूबसूरत लग रहा है मेरे पर lइसे पहनकर में ऑफिस भी जा सकती हूं | फिर वो रेखा को थैंक्यू भी बोलती है रेखा उसको गले लगाती है फिर भाई भी रेखा को गले लगाता है | रेखा की मम्मी यह देखकर बहुत शर्मिंदगी महसूस करती हैं | पर रेखा उन्हें प्यार से गले लगाती है l

और अपनी भाभी की मीठी यादों के साथ अपने ससुराल वापस आ जाती है |

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मीनाक्षी राय की कलम से स्वरचित

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