अमानत – अनुपमा

निशा कहां हो तुम … निशा निशा … आवाज देते देते आकाश सीधे उसके कमरे मैं घुस गया , वहां निशा को रमन के साथ देख कर बोला अरे तू  यहां कब आया .. कब से आवाज दे रहा हूं तुझे सुनती क्यों नही और हां अच्छा हुआ तू भी यही है चलो आज नई मूवी लगी है देखने चले क्या … निशा जो अचानक आकाश को यूं आता देख सकपका गई थी अब तक संभल चुकी थी , उसने रमन को इशारा किया को यही सही वक्त है .. वो लोग आकाश को बता देते है की वो लोग एकदुसरे से प्यार करते है पर रमन ने उससे मना कर दिया । आकाश रमन और निशा बचपन से साथ साथ ही खेले पढ़े और बड़े हुए थे ,

 तीनों हमेशा साथ रहते हर चीज शेयर करते । 

आज निशा का जन्मदिन था और आकाश उसे सर्प्राइज देना चाहता था साथ ही उससे अपने प्यार का इजहार भी करना चाहता था , आकाश ने रमन के साथ मिलकर उसके लिए पिकनिक का प्लान बनाया और वहां उसे प्रपोज करने का फैसला किया ,आकाश ने सारी तैयारी कर रखी थी , उसने रमन से केक लाने को कहा और पिकनिक के स्थान पर पहुंचने के लिए बोला और खुद निशा को लेने उसके घर पहुंच गया । 

वो दोनो साथ मैं पिकनिक स्थल पर पहुंच गए और कुछ देर मैं रमन भी वहां निशा के लिए केक लेकर पहुंच गया था , निशा ने रमन से आज ही आकाश से बात करने को फिर से कहा था , की उसे सब कुछ सच सच उन दोनो के बारे मैं बता दे , पर रमन हमेशा यही कहता सही वक्त आने पर वो आकाश से बात कर लेगा ।

तीनों ने बहुत मस्ती की सारे दिन घूमे , बहुत सारी पिक्चर क्लिक की ओर फिर केक काटा , निशा ने केक का टुकड़ा लिया और आकाश को खिलाने लगी … आकाश ने उसका हाथ पकड़ लिया और अपने घुटनों पर बैठ कर उसने उसी वक्त निशा से अपने प्यार का इजहार कर दिया , 

निशा ये सब सुन कर दो कदम पीछे हट गई और रमन की ओर देखने लगी पर रमन की तरफ से उसे कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दी रमन तो आंखें नीची करके खड़ा था , निशा ने रमन से पूछा क्या है ये सब रमन … तुम आकाश को सच क्यों नही बताते हो कब बताओगे उसे सच …. रमन कहता है की वो कैसे उसे बताता सच , जब जब भी उसने उससे कहने की कोशिश की सच उससे पहले ही वो हर बार मेरे सामने तुमसे प्यार की बातें करने लगता ,, 



मुझमें इतनी हिम्मत ही नहीं हुई की अपने दोस्त का दिल तोड़ दू … निशा आकाश को कहती है .. की वो रमन से बचपन से ही प्यार करती है और रमन भी और वो और रमन उसे सबकुछ बताने ही वाले थे … वो रमन के बच्चें की मां भी बनने वाली है और आज जन्मदिन की खुशी मैं वो ये बात रमन को बताने वाली थी आज … आकाश कुछ समझ नहीं पाता है .. रमन और निशा की भी स्तिथि कुछ ठीक नहीं रहती है , तीनों एक भंवर मैं फसां हुआ महसूस करते है … आकाश वहां से सबकुछ छोड़ के निकल जाता है ,, रमन उसे संभालने को उसके पीछे पीछे जाता है और निशा वो अपना प्यार और दोस्ती सबकुछ एक साथ खोने के एहसास से टूट जाती है ।

निशा के जन्मदिन पर उसकी दुनिया ही बदल जाती है , वो अपने घर पहुंचती है तभी फोन आता है और आकाश उसे जल्द से जल्द हॉस्पिटल आने को बोलता है , निशा घबरा जाती है और अस्पताल पहुंचती है वहां रमन की ऐसी हालत देख कर वो बेहोश हो जाती है , होश मैं आने पर उसे पता चलता है की आकाश के पीछे जाते वक्त रमन को किसी ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी । रमन कोमा मैं है और डॉक्टर का कहना है की कुछ कहा नहीं जा सकता है ,,, निशा की तो जैसे जिंदगी ही रुक जाती है वो कातर निगाहों से कभी रमन को कभी आकाश को देखती है । 

एक महीना हो चुका है , रमन के ऊपरी घाव तो भर चुके है पर कोमा से बाहर आने मैं उसे कितने दिन महीने साल लगेंगे इसका पता न तो डॉक्टर्स को है और न ही निशा और आकाश को । 

निशा अब बहुत परेशान रहती है और वो उसी अस्पताल मैं लेडी डॉक्टर से बच्चे के अबॉर्शन की बात करने जाती है ,सारे चेकअप के बाद डॉक्टर्स उससे कहती है की अब अबॉर्शन के लिए बहुत देर हो चुकी है अगर अब अबॉर्शन किया गया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है , फिर भी निशा डॉक्टर से अबॉर्शन करने को कहती है , 

इधर जब आकाश को ये सब पता चलता है तो वो निशा को रमन के पास ले जाता है , और उसके सामने ही निशा से शादी करने का प्रस्ताव फिर से रखता है लेकिन इस बार वो प्यार के लिए नही बल्कि दोस्ती के लिए शादी करना चाहता है , निशा उसकी पत्नी बनकर समाज के सामने बच्चे को जन्म देकर सम्मान से रह सके और वो अपने दोस्त के प्यार और उसके बच्चे की रक्षा कर सके ।

आज दस साल हो गए है , रमन अभी भी कोमा मैं है , रमन और निशा की बेटी मनसा नौ साल की हो चुकी है ,आकाश और निशा पति पत्नी की तरह समाज के सामने रहते है पर असल मैं निशा आज भी सिर्फ रमन की ही अमानत है आकाश के पास । ओर निशा इंतजार मैं है की कभी तो रमन को होश आएगा और वो मनसा को उसके पिता से मिलवा पाएगी ।

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