ये कैसा प्यार ? – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” हैलो मम्मी !” श्रुति फोन मिला बोली। ” कौन ?” उधर से आवाज आई। ” मम्मी अपनी बेटी को भी भूल गई आप !” श्रुति उदास हो बोली। ” बेटी …कौन बेटी ?” उधर से अभी भी सपाट स्वर था। ” मम्मी ऐसे मत बोलो प्लीज !” श्रुति रोते हुए बोली। ” यहां आपकी … Read more

मैं मजबूर नही – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

पापा ..पापा कहां हैं आप ?” नंदिनी ने घर में घुसते ही अपने पिता ओमकार जी को आवाज दी। ” बेटा मैं यहां हूं !” रसोई में से पिता की आवाज सुन नंदिनी वहीं पहुंच गई। ” अरे पापा आप खाना बना रहे है हटिए मैं बनाती हूं …ओह आपको तो बुखार है पापा। आपने … Read more

माँ का आशीर्वाद- संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

निर्मला जी हाथ मे दही चीनी की कटोरी पकड़े अभी भी दरवाजे पर टकटकी लगाए देख रही थी जिससे अभी अभी उनका बेटा कार्तिक बाहर निकला था। निर्मला जी की आँख नम थी पता नही बेटे के तिरस्कार से या ऑफिस का पहला दिन और बिना दही चीनी खाये चला गया उस दुख से । … Read more

समझदारी से रिश्ते मजबूत बनते है । – संगीता अग्रवाल Moral Stories in Hindi

 ये क्या है सुन्यना आज फिर पोहा बनाया है तुमने नाश्ते मे तुमसे कितनी बार कहा है मुझे पोहा नही पसंद !” रितेश नाश्ता देख गुस्से मे बोला । ” वो मेरी आँख देर से खुली फिर जल्दी जल्दी मे यही बन पाया बस आज खा लीजिये कल कुछ ओर बना दूंगी!” सुन्यना बोली । … Read more

समझ आई गलती – डॉक्टर संगीता अग्रवाल Moral Stories in Hindi

“आ गए घूम के?”सरला जी ने पूछा तो विभोर और रिचा चौंक गए। “अम्मा!घूमने नहीं गए थे,रिचा को डॉक्टर के पास रूटीन चेक अप के लिए ले जाना था,वहीं से ला रहा हूं।” विभोर ने कहा। “हर महीने चल देंगे चेक अप कराने…हमारे क्या औलाद नहीं हुई तब तो ये चोंचले नहीं थे,घर पर ही … Read more

मुझे माफ कर दो पापा!-डॉक्टर संगीता अग्रवाल Moral Stories in Hindi

अर्पित अपने माता पिता का लाडला बेटा था,बड़े नाजों से पाला था उन्होंने अर्पित को,इस उम्मीद के साथ कि वो बड़ा होकर उनका ख्याल रखेगा,खूब कमाएगा और उनको भी ऐशो आराम देगा। अर्पित उन दोनो की अपेक्षाओं पर खरा भी उतरा,पढ़ लिख कर उसकी बहुत बड़ी मल्टी नेशनल कंपनी में बड़े पैकेज पर नौकरी लग … Read more

सरप्राइज – संगीता अग्रवाल Moral Stories in Hindi

“दो पल के गुस्से से प्यार भरे रिश्ते बिखर जाते हैं प्रेरणा अपनी नहीं तो कम से कम अपनी बेटी की सोच!” प्रेरणा की दोस्त स्वाति ने उसे समझाया। ” पर स्वाति उस इंसान को मेरी कद्र नहीं है तो मैं क्यों जबरदस्ती का रिश्ता निभाऊं!” प्रेरणा बोली। ” तू कैसे कह सकती उसे तेरी … Read more

अम्माजी -डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“मिला कोई किराए का मकान आज?”स्वाति ने पूछा तो ऋषभ का मुंह उतर गया,निराशा से बोला, “नहीं!आज भी नहीं।जहां मकान समझ आता है वहां किराया ज्यादा है और जहां किराया कम है वहां जगह समझ नहीं आती,हमें समझ आ भी जाए तो अम्मा जी का क्या करूं?वो नाक में दम कर देंगी।देखा नहीं कैसे पिछले … Read more

बुढ़ापा सबको आना है – संगीता अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

“चलो मेरी स्वीटहार्ट आपको अपनी बाइक की सैर कराता हूँ ”  ” चल शैतान.. इस उमर मे मैं क्या करूँगी बाइक पर बैठ तू अपनी असली स्वीटहार्ट को बैठा “ “अरे मेरी स्वीटहार्ट तो आप हो… मेरा पहला प्यार ….मेरा सब कुछ … मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ मेरी जान “! ” चल बेशर्म … Read more

कोई अपना सा- डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

मां,क्यों परेशान कर रही हैं?प्लीज!चली जाइए,मुझे आपको मना करते हुए बहुत जोर पड़ता है,साहिल बोला, कब से उसकी मां सुधा दरवाजा खटखटा रही थीं और कह रही थीं “देख बेटा! बस एक बार इससे मिलकर तो देख! तू मना नहीं कर पाएगा इसे,अपनी मां पर यकीन नहीं तुझे?” मन मारकर साहिल उठा, “ये मां रोज … Read more

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