कहीं टूट न जाए यह बंधन प्यार का

शादी के 1 सप्ताह बाद जब सारे मेहमान अपने-अपने घर को चले गए.  घर में सिर्फ काजल और काजल के सास-ससुर रह जाते थे. समीर भी 1 महीने की छुट्टी के बाद ऑफिस ज्वाइन कर लिया था.  काजल की दो ननद थी जिनकी शादी पहले ही हो चुकी थी. एक दिन काजल अपने कमरे में बैठी हुई थी काफी देर से टीवी देख रही थी लेकिन अब टीवी  देखने का मन नहीं कर रहा था तभी उसकी नजर अलमारी में रखी किताबों पर पड़ी. उसने सोचा चलो कोई किताब ही पढ़ लेते हैं. काजल ने जैसे ही अलमारी के कांच को सरकाया वहीं पर एक डायरी रखी हुई मिली.

 काजल ने उस डायरी को खोला और पलट के पढ़ने लगी डायरी पढ़ने के बाद काजल को यह पता चला. उसका पति समीर कॉलेज के समय ही एक लड़की मीरा से प्यार करता था वैसे तो उसकी अब शादी हो गई है लेकिन उनकी बातें अभी भी होती है और वह सब कुछ इस डायरी में लिखा हुआ था. 

शाम को समीर जब ऑफिस से घर आया, चाय पीने के बाद जब वह अपने कमरे में आया तो देखा उसकी पर्सनल डायरी बेड पर रखी हुई है, उसने काजल से बोला काजल यह डायरी यहां कैसे पड़ी हुई है, काजल ने कहा, “मैंने रखा है सोचा थोड़ा पढ़ लेती हूं, डायरी के अंदर क्या लिखा हुआ है. 

 उसी समय समीर ने डायरी अपने हाथों में ले लिया और काजल से कहा,  “देखो काजल किसी की भी पर्सनल डायरी उससे बिना पूछे नहीं पढ़ा करते। काजल ने कहा समीर किसी और का भले ही पढ़ने का हक हो या ना हो मुझे तो पढ़ने का हक जरूर है क्योंकि मैं और तुम अब अलग थोड़ी है. आखिर इस डायरी में तुमने लिखा ही क्या है जो मुझसे इतना छुपाना चाहते हो अभी तो मैंने शुरुआत के 1 पन्ने ही पढ़े हैं जिसने मुझे लगा रहा है तुम किसी मीरा नाम की लड़की से प्यार करते हो. 



हां मैं मीरा से प्यार करता था और अभी भी करता हूं तुम्हें उससे कोई मतलब नहीं होना चाहिए और याद रखो तुम मेरी पत्नी हो प्रेमिका नहीं और ज्यादा पर्सनल होने की भी जरूरत नहीं है. 

काजल ने कहा, जब मीरा से इतना ही प्यार करते थे तो फिर उसे शादी क्यों नहीं किया और फिर अगर उससे शादी नहीं किया तो फिर अब उसकी जिंदगी को क्यों खराब कर रहे हो उसके पति को पता चलेगा तो क्या सोचेगा उसकी बीवी के अभी भी किसी से अफेयर हैं. 

 समीर ने कहा देखो  काजल तुम इतना ज्यादा अंदर ना घुसो, तुम अपने काम से काम रखो.

काजल ने कहा, देखो समीर मैं तुम्हारी अब पत्नी हूं और तुम्हारे हर चीज पर मेरा उतना ही अधिकार है जितना कि तुम्हारा और तुम क्या करते हो किस से मिलते हो यह सब मुझे जानने का अधिकार है.

मैं नहीं चाहती कि मेरा पति शादी के बाद भी किसी ऐसे लड़की से अफेयर चलाएं वह चाहे उसकी एक्स गर्लफ्रेंड ही क्यों ना हो. 

अगर इंसान के  मन के अंदर एक बार शक का  बीज पड़ जाए तो फिर एक ऐसे पौधे का जन्म लेता है जिसकी जड़ें बहुत ज्यादा ही गहरी पीपल से भी गहरी हो जाती है उसको काटते काटते हाथों में छाले पड़ जाते हैं लेकिन फिर भी दुबारा से वह पौधा बनकर निकल ही आता है यह काजल के साथ.हो रहा था  वह हर वक्त समीर को शक की नजर से ही देखने लगी. 

अगर समीर किस दिन ज्यादा तैयार होकर ऑफिस जाता था तो काजल कहती थी लग रहा है कि आज मीरा मैडम से मिलने जा रहे हो.  अगर समीर किसी से फोन पर हंस हंस कर बात भी करता था तो काजल को लगता था कि वह मीरा से ही बात कर रहा है जैसे ही समीर फोन रखता था काजल समीर का फोन चेक करने लगती थी.  



वैसे तो अभी तक काजल ने मीरा को देखा तक भी नहीं था लेकिन उसके मन में एक सुंदर सी लड़की का इमेज तैयार हो गया था

  काजल को लग रहा था उसके साथ समीर धोखा कर रहा है. काजल यही सोचती समीर मीरा से इतना प्यार करता है तो फिर उसने मुझसे शादी क्यों की उसने मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की.

अगले सप्ताह रक्षाबंधन का त्यौहार था समीर की दोनों बहने अपने भाई को राखी बांधने के लिए आई हुई थी. शाम के समय खाने पर पूरा परिवार एक साथ बैठा हुआ था तभी समीर की छोटी बहन ने समीर से कहा, भैया आपको पता है मीरा को जुड़वा बेटा हुआ है उसने हमें बुलाया है चलो आप भी कल साथ ही चलते हैं मीरा आपकी भी तो अच्छी दोस्त थी.  मीरा का नाम सुनकर जैसे काजल के मिर्ची लग गई काजल मन ही मन सोच रही थी कि वह अपनी ननद को बता दें कि मीरा उसके पति समीर की सिर्फ दोस्त नहीं थी बल्कि गर्लफ्रेंड थी और यह साहब तो अभी भी रोजाना मिलते हैं और फोन पर बातें करते हैं आपको लग रहा है मीरा और इनका कोई संबंध ही नहीं है काजल लेकिनचुप रही। तभी समीर की बहन ने बीच में टोकते हुये कहा क्या हो गया काजल ? मीरा का नाम सुनते ही तुम्हारे चेहरे पर अजीब सा भाव क्यों आ गया. 

अगले दिन समीर की बहन और समीर, मीरा के घर,  मीरा से मिलने के लिए जाने वाले थे , काजल को भी साथ ले जा रहे थे, काजल ने  लेकिन तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर नहीं गई. काजल को अब यकीन हो गया था कि उसका पति समीर अभी भी मीरा से उतना ही प्यार करता है जितना पहले। 

राखी के  2 दिन बाद  ही दोनों बहने अपने अपने ससुराल चली गई।  उस दिन के बाद से काजल और समीर भी अपने अपने काम में व्यस्त हो गए समीर अपने ऑफिस के कामों में व्यस्त रहने लगा और इधर काजल अपनी पीएचडी के नोट्स  बनाने में लग गई. अब उन दोनों के बीच सिर्फ मतलब की बात होती। 



 1 दिन समीर ने काजल को अपने बांहों में भरकर कहा काजल क्या तुम्हें ऐसा महसूस नहीं कर रहा है और है कि हम दोनों एक ही कमरे में तो रहते हैं लेकिन बिल्कुल अजनबी की तरह ऐसा लगता है हमारे बीच कोई रिश्ता ही नहीं है.

 काजल ने कहा ऐसा कुछ नहीं है तुम ही मुझसे बात करना नहीं चाहते हो तो मैं क्या करूं,  तुम तो किसी और का फोन आता है तो कितने हंस हंस के बात करते हो और उस मीरा से तो बात करने से तुम्हें टाइम मिलेगा तब तुम मुझसे बात करोगे।  मुझसे जब बात करोगे तो ऐसे दिखाओगे तुम कितने थके हुए हो। तुम्हारे पास टाइम ही नहीं है इतना सारा काम है यह कह कर मेरे से दूरी बनाए हुए हो. 

 समीर ने कहा देखो काजल हमने शादी के बाद अभी तक हनीमून पर भी नहीं गए हैं अगले महीने मेरा ऑफिस का प्रोजेक्ट खत्म होने वाला है फिर हम एक अच्छा सा हिल स्टेशन पर हनीमून के लिए चलते हैं. 

 काजल ने जब अपने पति समीर की तरफ देखा तो उसका चेहरा बिल्कुल ही मासूम और नादान बच्चे की तरह लग रहा था।  उसके चेहरे पर कहीं भी बेवफाई नजर नहीं आ रही थी। इस बार सिर्फ प्यार ही प्यार नजर आ रहा था. काजल यह सोचे जा रही थी कहीं यह सपना तो नहीं समीर मुझे प्यार करता ही नहीं। 

 काजल के मन में एक सवाल आया.  मैं इतना समीर पर शक क्यों करती हूं मीरा और समीर एक अच्छे दोस्त भी तो हो सकते हैं कोई जरूरी तो नहीं कि  दोनों की शादी नहीं हुई तो उन दोनों के बीच गलत रिश्ता ही हो। 



 आखिर मैं भी तो राकेश से बात करती हूं.  राकेश काजल के कॉलेज का फ्रेंड था और दोनों में बहुत गहरी दोस्ती थी राकेश की भी शादी हो चुकी थी लेकिन राकेश और काजल आज  भी दोनों एक दूसरे से अपनी हर बातें शेयर करते थे. काजल ने सोचा समीर ने तो एक बार भी न कभी मेरा फोन चेक किया और ना ही कभी पूछा कि मैं किस से बात करती हूं और क्या बात करती हूं फिर मैं इतना शक क्यों करती हूं जैसे मैं राकेश से बात करती हूं वैसे समीर भी बात करते होंगे। 

अब काजल के मन से शक का कीड़ा दूर होने लगा था और उनके बीच शक का बंधन टूटने लगा था वह बंधन फिर से जुड़ने लगा. 

 काजल को यह लगने लगा कि जैसा शक  मैं करती हूं समीर के ऊपर समीर भी तो कर सकते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया।

 काजल को अपने आप पर पश्चाताप होने लगा कि शक के  कारण कुछ दिनों में तो मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी खराब करने चली थी. 

काजल ने आज सोच लिया था आज जब समीर ऑफिस से लौटेंगे तो आज बाहर उनके साथ डिनर करने जाएगी और समीर को भी उसने फोन करके बोल दिया था समीर ने बोला ठीक है आज मैं ऑफिस से जल्दी हो आ जाऊंगा साथ में ही काजल और समीर शादी के बाद पहली बार डिनर करने गए और आने के बाद इतने दिनों के बाद ऐसा लग रहा था उन दोनों के बीच अब कोई दीवार नहीं है सिर्फ प्यार ही प्यार है।

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