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हक़ बराबर का !!! – अल्पना 

हर बार पापा मुझे ही क्यूँ रोकते है कुछ करने से …. भाई तो मुझसे छोटा है फिर भी पापा 

उसको जन्मदिन पर कैमरा दिए ।

मैं कहती हूँ की मैं वाइल्ड लाइफ़ फ़ोटोग्राफ़र बनूँगी तो मुझे हर बार लड़की होने का एहसास करवाते है । तुम बाहर अकेली कैसे जाओगी ,लड़की हो इंजीनियर डाक्टर बनो या टीचर बनो ये सब तुम्हारे बस का नहीं ।

तुम्हारा भाई मानव मेरा स्टूडियो सम्भालेगा 

तुम तो शादी करके अपने पिया घर जाओगी 

मेरी लाड़ली …. 

.क्या एक लड़की का सपना सिर्फ़ शादी ही हो क्यूँ ??

मैं सपने ना देखूँ क्यूँ मुझे हक़ नहीं है 

सपने देखने का उसे पूरा करने का ??

है ना बेटा क्यूँ नहीं ।

किसने कहा लड़कियों को अपने सपने पूरे करने का हक़ नहीं है 

मैं तुम्हारे सपने को पंख लगाऊँगी ।

मेरे पास मेरे पापा का दिया हुआ एक कैमरा है ।

तुम उससे प्रैक्टिस करो । ज़रूरी नहीं कि सपनो को सबको बताए ..

पढ़ाई के साथ फ़्री टाईम में करो धीरे धीरे पढ़ो

फ़ोटोग्राफ़ी के विषय में सीखो थोड़ी मेहनत और लगन चाहिए बस फिर क्या होंगे सपने पूरे 

माँ … आप कितना अच्छा बोलती हो काश पापा भी ऐसा समझते ।

मानव … भाई कैमरा तो ठीक से पकड़ना सिख 

दीदी मुझे ना मत सिखाओ मेरे गुरु पापा है 

उनका स्टूडियो मैं ही सम्भालूँगा 

ओहो ! आता जाता कुछ नहीं बड़ा चले स्टूडियो सँभालने । उसे तो मुझे ही देखना होगा बच्चू ….

“नही मानसी !ये स्टूडीओ तो मानव सम्भलेगा 

पर पापा मैं क्यूँ नही ?

मानसी तुम तो ससुराल चली जाओगी ना इसलिए …. 

क्षण भर को समझ ना आया मानसी को वो क्या कहे पापा से .. पर बड़ी होती बिटिया ये समझ गई थी । 

माता पिता उसके हैं पर ख़ानदान की वसीयत तो बेटे को ही मिलेगी ।

कोई बात नहीं वसीयत ना सही नयनो में बसे ख़्वाब तो उसके है ….. उसे हक़ीक़त बनाएगी । 

अपना एक अलग स्टूडियो बनाएगी 

पापा कितने मशहूर फ़ोटोग्राफ़र थे 

सब बड़े कार्यक्रम में बिना राज के कोई फ़ोटोग्राफ़ी सम्भव कँहा थी । 

शायद सारे शहर को मानव राज स्टूडियो पर बेहद विश्वास था ।

पर पूत के पाँव पालने में दिखने लगे थे ।

जो कैमरा मानसी का ख़्वाब और ड्रीम बनता जा रहा था । 

उस कैमरे से मानव दुर होता जा रहा था । 

उसे कभी भी फ़ोटोग्राफ़ी रास ना आता । उसको सिखाने के सौ जतन राज ने किए पर सब बेकार । उधर बिना सिखाए ही मानसी कितनी अच्छी फ़ोटोग्राफ़ी करती थी ।

आज अख़बार में एक विज्ञापन आया था …

“अपने ड्रीम को पूरा करे बस एक फ़ोटोग्राफ़ उगते सूरज का या ढलते हुए सूर्य के साथ किसी वाइल्ड एनिमल की तस्वीर ..

बस … और क्या ???




आप को ईनाम में मिलेगा एक डीएसएल आर कैमरा .. जो आपके सपने को एक पंख देगा फ़िर आसमान भी आपसे दूर कँहा होगा । “

मानसी जानती थी पापा से कहने पर वो उसे मना कर देंगे । 

माँ कुछ पैसे और थोड़ा कुछ खाने का मतलब लंच पैक कर दो मैं दो दिन के लिए सहेलियों संग पिकनिक जा रही हूँ ।

बस रणथंभोर तक ।

और फिर क्या 

आज सुबह सुबह निकल पड़ी मानसी झील के उस पार ताकि उगते हुए सूरज को अपनी कल्पनाओं सा क़ैद कर सके ….

जबकि राज मानव को लेकर पहाड़ों के बीच पहुँचे अपने कैमरे के हुनर दिखाने । 

कुछ दिन बाद मानसी ने चुप चाप अपने खिंचे हुए फ़ोटोग्राफ़ को सबमिट कर आई । 

रिज़ल्ट तो एक महीने बाद आना था ।

पर मानसी ने पापा को कुछ बताया नही … 

बस माँ से कुछ ना छुपाया ।।

जबकि पापा ने माँ से कहा 

देखना ये प्रतियोगिता तो मानव ही जीतेगा कितने सुंदर फ़ोटो कैप्चर किए इसने सन राइज़ के आख़िर बेटा किसका हैं । 

आज सुबह अख़बार में रिज़ल्ट आया … धड़कते हाथों से अख़बार थाम कर आख़री पेज पर परिणाम देखा । 

दस फ़स्ट प्राइज़ डीएस एल आर कैमरा के विजेता .. 

में पाँचवा नाम .. मेघा मानसी देखकर झूम उठी थी मानसी … 

पापा ने जब अख़बार देखा तो खूब झल्लाए पर अभी भी मेघा मानसी के नाम को ना पहचान पाए । 

ज़ोर से बोले पता नही किस किस को बेकार लोगों को ईनाम मिला है ।

पर आप ही तो कहते हैं जी की कैमरा कभी झूठ नही बोलता मतलब जिसकी तस्वीर शानदार होगी ईनाम तो उसे ही मिला होगा .. ना क्यूँ ??

हाँ मेघा मानसी यही नाम तो अपना दिया था मानसी ने बस धीरे से जाकर माँ को बताया माँ ! ये प्रतियोगिता मैने जीता हैं …. मेरे नाम के साथ आपका नाम जोड़ दिया हैं ,ना ।

माँ की ख़ुशी का ठिकाना ना रहा चूम कर उसके माथे को आशीर्वाद दिया ।

अपने सपने को पूरा करना … एक दिन अपना स्टूडीओ खोलना ।

हाँ माँ !

मेघा ने जाकर पति को बताया जो ईनाम ना मिलने से दुखी थे …. 

सुनिए इस प्रतियोगिता का एक ईनाम तो आपके घर में ही आया हैं 

क्या ???

जी हाँ , आपकी बेटी ने जीता हैं ।

इसकी क़ाबिलियत को पहचानिए .. थोड़ा वक्त इसे भी दीजिए ।उसके सपनों को सच होने में थोड़ी तो मदद कीजिए ।

पापा के आँखो में ख़ुशी के आँसू थे । मानसी को गले लगा रहे थे । 

तेरे सपने को पूरा करने में माँ के साथ साथ मेरा भी साथ होगा …




पर तुमने टाइगर की तस्वीर ….

पापा दो दिन रणथंभोर के सेंचुरी में सुबह शाम चक्कर लगाई फिर ये तस्वीर कैप्चर कर पाई 

बस पापा अब कैमरा लेकर गिर फारेस्ट जाना है टाइगर के बाद अब शेर से टकराना है ।

ख़्वाब जो पूरा करना है ।

हाँ पापा एक स्टूडियो मेघा मानसी के नाम से बनाना है ।

क्यूँ नहीं अब साथ तो तेरे पापा भी है ।

बस पापा आपका आशीर्वाद ही काफ़ी है और साथ … सपने मेरे है इसे मैं अकेले ही पूरी करूँगी बस आप गाइड करते रहना ।

नाज है तुझ पर …. 

सपने पूरा करने का हक़ है तुझे ….

हम साथ है तेरे 

कर ख़्वाब तू अपने पूरे !!

लव यू पापा ! लव यू माँ !

मानसी निकल पड़ी अपनी मंज़िल की ओर !

सपने पूरे ज़रूर होंगे 

अगर हौसले तुम्हारे बड़े होंगे 

हक़ ना दे जमाना तो तुम छीन लेना 

ख़्वाब तुम्हारे है … अपने दम पर पूरा करना !!!

#भेदभाव 

अल्पना

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