बेटी अब से ससुराल ही तेरा घर है…. – सबीहा परवीन ” सबीह” : Moral Stories in Hindi

श्रद्धा तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। सबसे ज्यादा लाडली, समझदार और संस्कारो से भरी पूरी थी। श्रद्धा की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और वो पिछले एक साल से किसी प्राइवेट स्कूल में जॉब कर रही थी। बाकी की दोनों बहने पढ़ाई कर रही थी। श्रद्धा की पढ़ाई हो चुकी थी इसलिए माता पिता … Read more

हमेशा बना रहे बेटी का घर – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“बेटी अब से ससुराल ही तेरा घर है अब तो तू यहाँ की मेहमान है “ जैसे ही ये बात सरला ने रोते रोते अपनी बेटी की विदाई के वक़्त कही वही पास में खड़ी सुलोचना जी रोना भूल ग़ुस्से में सरला से बोली,” ये क्या सीखा रही है बहू…कुहू का ये घर वैसे ही … Read more

उतरन – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

शगुन ने धीरे से शौर्य का हाथ अपने बाजू पर से हटाया और तकिये के नीचे फंसे अपने लंबे बालों को आहिस्ता आहिस्ता से निकाला, और बेड के पास लगे आदमकद आईने में अपना अक्स निहारने लगी। यूं तो वह काफी सुंदर थी ही ,पर आज वह खुद को बेहद खूबसूरत महसूस कर रही थी। … Read more

मनमुटाव – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

 केशव और मैं आज अजनवी से एक दूसरे से व्यवहार कर रहे हैं… कहां गया हमारा प्यार…एक दूसरे से किए वादे… ओह छोटी छोटी बातें #मनमुटाव #का ऐसा रूप ले लेगी सोचा न था…. शादी के तीन साल कैसे गुजर गए पता हीं नहीं चला… कॉलेज के टाइम से हीं हम दोनो एक दूसरे को … Read more

छोटी सी बात – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

क्यों रश्मि.. इस बार नंद बाईसा का चक्कर नहीं लगा क्या छुट्टियों में, हर बार तो छुट्टियां लगते ही मायके आ जाती हैं! अरे भाभी… आपको नहीं पता.. जब आप लोग सपरिवार घूमने गए थे तब पलक दीदी मायके आई थी और 8 दिन रहकर चली भी गई! दो दिन तो वह हमारे यहां पर … Read more

लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है!!… – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

..और धड़ा धड़ खिड़कियां बंद होने की आवाजें आने लगी। कोई नई बात तो नहीं थी, हमेशा ही ऐसा ही होता है। ऋतु के कमरे के सामने जो घर पड़ता था, उसका हमेशा का किस्सा था ये। उसके कमरे की खिड़की बगल वाली गली की ओर खुलती थी, ठीक खिड़की के सामने  पढ़ने वाली मेज़, … Read more

रिश्ता साझेदारी का – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” समधन जी बारातियों का स्वागत जरा अच्छे से करना ऐसा ना हो हमारी नाक कट जाए पहले ही गैर बिरादरी में और साधारण परिवार में रिश्ता करवा कर हम रिश्तेदारों की आलोचना सुन चुके हैं !” शांति जी अपनी समधन यानी की अपनी बहू की माता जी मीना जी से फोन पर बोली। ” … Read more

किस्मत – मीनाक्षी शर्मा : Moral Stories in Hindi

हे भगवान …मेरी तो मत ही मारी गई थी ,जो इस घर में शादी की…. इतनी खराब किस्मत पाई है मैंने… सुबह से लग जाओ घर के काम में बस… हो गया दिन शुरू… हमारी भी क्या जिंदगी …कभी बर्तन धो लो …कभी कपड़े धो लो …कभी घर की सफाई कर लो … अपनी तो … Read more

बेटी अब ससुराल ही तेरा घर है , अब तो तू यहां की मेहमान है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुनयना ग़ुस्से से राघव को घूरते हुए कहती है कि सुबह से लेकर रात को सोने तक नाश्ता लंच शाम को स्नेक्स रात को डिनर यही मेरा काम हो गया है ।  आप तो रिटायर होने के बाद आराम से पुस्तक पढ़ते हुए फोन पर बातें करते हुए गानों को सुनते हुए रेस्ट ले रहे … Read more

बेटी अब ससुराल ही तेरा घर है , अब तो तू यहां की मेहमान है – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

आँखों में आंसू भर कर अपने घर को जाने के लिए गाड़ी में बैठ चुकी थी निर्जला , उस घर जहाँ की वो मेहमान नहीं बल्कि मालकिन थी।  जैसे जैसे गाड़ी आगे बढ़ रही थी , निर्जला से पीछे छूटता जा रहा था वो घर जहाँ अब वो सिर्फ मेहमान समझी जाती थी और नज़दीक … Read more

error: Content is Copyright protected !!