उड़ान – संजय मृदुल : Moral stories in hindi

मैं तुम्हे जाता देख रही हूं, जेबों में हाथ डाले सर झुकाए। थोड़े कंधे भी झुके हुए हैं मंथर गति से। मैं बालकनी में खड़ी हूं और तुम   बीते समय की तरह गुजर गए चुपचाप। न कदम ठिठके, न नजर उठी। तुम्हारी पीठ दिखाई दे रही है जाते हुए। अजीब सा सुकून मिल रहा … Read more

अभी तो तुम्हें जीना है हमारे लिए – पूजा शर्मा   : Moral stories in hindi

अपनी मां के लगातार 8 दिन तक बुखार चढ़ने की वजह से सरिता जी के दोनों बेटे और बहुएं उनके दोनों पोता पोती के साथ उनसे मिलने तुरंत बेंगलुरु से मेरठ आए थे उन्होंने सरिता जी के सारे टेस्ट कराये जो कि नॉर्मल आए थे। उन्हें यहां आए आठ दिन हो चुके थे अब सरिता … Read more

पत्नी के आत्मसम्मान के लिए – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi

महेश  घर का सबसे छोटा बेटा था उसका दिमाग पढ़ने में कम लगता इस वजह से उसने ज्यादा पढ़ाई नही करी महेश के दो बड़े भाई थे जो पढ़ने के साथ पिताजी का व्यापार भी सम्हालने लगे महेश को उन्होंने घर के काम की ज़िमेदारी सौंप दी बाजार से सामान लाना घर के काम मै … Read more

सिरफिरे लोग – भगवती सक्सेना : Moral stories in hindi

एक छोटे से जिले में डीएम बनकर आये थे राघवेंद्र जी, अभी पंद्रह दिन ही हुए थे। अचानक एक दिन एक साधारण सा आदमी रोते रोते आफिस में घुस गया, पीछे से दरबान दौड़ता आया, “सर, बहुत रोका, पर ये सुन ही नही रहा।” “साहब, देखिए, क्या ज़माना आ गया, मेरी बेटी दसवीं में पढ़ती … Read more

ममता की छांव -ऋतु गुप्ता : Moral stories in hindi

दरवाजे की कुंडी बजते ही सामने अपने बेटे दीपक को नेवी अफसर की वर्दी में देखकर रागिनी को एक बारगी तो अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हुआ, वह भाग कर  घर के मंदिर में जाती है और बेटे की नजर उतारने के लिए पूजा की थाली लेकर आती है। रागिनी की बेटी समृद्धि जो … Read more

मेरे बीमार होने से किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ता – रश्मि सिंह : Moral stories in hindi

दीपिका (फ़ोन पर)-बताओ मम्मी क्या है ? अभी मैं मीटिंग में थी, आप बार बार फ़ोन कर रही हो। सविता (दीपिका की माँ)-तूने आज ऑफिस जाते समय फ़ोन नहीं किया वैसे तो रोज़ करती है। दीपिका-अरे मम्मी आज मीटिंग थी तो जल्दी आना था कल रात आपको बताया तो था। अच्छा अब रखो मैं काम … Read more

फैसला – अदिति महाजन : Moral stories in hindi

अदालत परिसर का दृश्य| न्याय की आस में बैठा पीड़ित पक्ष व अपना पक्ष रखने के प्रयास  में अभियुक्त की वकील | वाद-  प्रतिवाद का दौर अब समाप्‍त हो चुका था व फ़ैसले की घड़ी आ गई थी | ‘ऑर्डर- ऑर्डर’ कह कर न्यायधीश पुरूषोत्तम दास ने अदालत को तो शांत कर दिया था, परंतु … Read more

मेरे बीमार होने से किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ता है – के कामेश्वरी   : Moral stories in hindi

सुहानी के माता-पिता की मौत किसी दुर्घटना में हो गई थी । पूरा घर लोगों से भरा हुआ था । सब लोग बारहवीं ख़त्म होते ही अपने अपने घर जाने के लिए तैयार हो गए थे । किसी ने भी सुहानी के बारे में नहीं सोचा था कि इसे कौन ले जाएगा । जबकि वह … Read more

मेरे बीमार होने से किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ता है – करुणा मलिक   : Moral stories in hindi

कुसुम, पंद्रह दिन बाद बुआ भात नोतने के लिए आ रही है । अच्छे से तैयारियाँ कर लेना । यही कोई तीस पैंतीस लोग होंगे। तीस पैंतीस……? इतने लोगों का , मैं कैसे करूँगी?  पचास ही लोग होंगे कुल मिलाकर । घर के और पास पड़ोसियों को गिनकर । आपको तो पता ही है कि … Read more

प्यार तेरे लिए – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

सुवह उठ कर नोट्स बनाने में व्यस्त मीता के काम में व्यवधान उस समय पड़ा, जब मां की आवाज कानों में पड़ी,मीता नीचे आकर चाय नाश्ता कर लो ‘मॉं की आवाज को अनसुना करते हुए,मीता ने नोट्स बनाने में अपना ध्यान लगाया, क्योंकि लाइब्रेरी  में यह बुक वापस करने का आज आखिरी दिन था , … Read more

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